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मेयर के टिकट के लिए भाजपाइयों में‘दंगल’
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:05 AM IST
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बीजेपी
- फोटो : self
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निकाय चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही एक बार फिर से भाजपाइयों में मेयर टिकट के लिए ‘दंगल’ शुरू हो गया है। टिकट पाने की चाह रखने वाले पार्टी नेताओं ने अपने आकाओं के यहां हाजिरी लगानी शुरू कर दी है। कई नेताओं तो दिल्ली-लखनऊ तक की दौड़ लगा रहे हैं। फिलहाल नजर सीट के आरक्षण पर टिकी हुई है।
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नगर निगम बनने के बाद से मेयर सीट हमेशा भाजपा के खाते में रही है। नगर पालिका से नगर निगम बनने पर लगातार दो बार भाजपा के दिनेश चंद गर्ग शहर के मेयर रहे। इसके बाद भाजपा की दमयंती गोयल शहर की प्रथम नागरिक बनीं। दमयंती गोयल के बाद तेलूराम कांबोज और फिर उपचुनाव में अशु वर्मा मेयर बने।
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भाजपा की इस पक्की सीट को अभी तक किसी पार्टी का उम्मीदवार अपने पक्ष में नहीं कर सका है।वर्तमान समय में चल रही मोदी लहर का फायदा भी सभी लेना चाहते हैं। यही कारण है कि निकाय चुनाव की घोषणा के बाद से ही मेयर सीट के लिए सबसे पहली सुगबुगाहट भाजपा से ही शुरू हुई है।
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सपा, बसपा और कांग्रेस में जहां अभी चुप्पी बनी हुई है, वहीं भाजपाइयों ने अपने आकाओं के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। परिसीमन की कार्रवाई शुरू होने के साथ ही अब भाजपाइयों की निगाह आरक्षण पर टिकी हुई है।
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भाजपा में मेयर चुनाव के लिए यह ठोंक रहे दावेदारी -
अशु वर्मा: निवर्तमान मेयर अशु वर्मा को पूरी उम्मीद है कि संगठन इस बार भी उन्हें ही चुनाव लड़ाएगा। इसके लिए वह अपने डेढ़ साल के विकास कार्यों का हवाला देते हैं। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और संघ पदाधिकारियों के सीधे संपर्क में। जनता में अच्छी पकड़ है।
ललित जायसवाल: विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले जायसवाल इस बार मेयर चुनाव की फिर से तैयारी में हैं। शायद यही कारण है कि पिछले दिनों उन्होंने अपने सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन पद से भी इस्तीफा दे दिया। राजनाथ सिंह, राज्यमंत्री अतुल गर्ग समेत आरएसएस के कई दिग्गजों के संपर्क में हैं।
दिनेश गोयल
आरकेजीआईटी के मालिक दिनेश गोयल भी इस बार मेयर पद की दावेदारी ठोंक रहे हैं। ओम माथुर, राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं का आशीर्वाद इनको प्राप्त है। शहर के विभिन्न सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के चलते आम जनता के बीच भी अच्छी पकड़ है।
अशोक मोंगा
पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष अशोक मोंगा भी इस बार मेयर पद के लिए दौड़ में शामिल हैं। क्रेंदीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के काफी करीबी माने जाने वाले अशोक मोंगा पार्टी राजनीति में अहम भूमिका में रहे हैं। कई अन्य वरिष्ठ नेताओं केसाथ संघ प्रचारकों से भी पहचान है।
संजीव शर्मा
भाजपा में अहम कद रखने वाले संजीव शर्मा भी मेयर टिकट पाने की दौड़ में शामिल हैं। मृदुभाषी संजीव शर्मा ने कई पार्षदों को भी अपने पक्ष में किया हुआ है। नेताओं से अपने संबंधों को उजागर न होने देने वाले संजीव शर्मा ऐन वक्त पर ही अपने पत्ते खोलने में विश्वास रखते हैं।
पवन गोयल
लोहिया नगर से पार्षद रहे पवन गोयल ने भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में अपनी अच्छी पहचान बना रखी है। कई बडे़ कार्यक्रमों में बडे़ नेताओं के साथ मंच साझा करने वाले पवन गोयल यदा-कदा पार्टी में अपनी अहम भूमिका का संदेश देते रहे हैं।
मेयर टिकट पाने की दौड़ में यह भी हैं शामिल
पृथ्वी सिंह कसाना, पूर्व विधायक रामनरेश रावत, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा, सतेंद्र चौधरी, मयंक गोयल, आशा शर्मा, सुनीता दयाल, प्रदीप चौहान, सुशील गौतम, रविंद्र (तेल वाले) भी मेयर चुनाव में टिकट पाने के प्रयास में हैं।