{"_id":"571e77664f1c1b350da916e3","slug":"as-we-will-see-a-new-navrang","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए रूप में नजर आएगा ‘नवरंग’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए रूप में नजर आएगा ‘नवरंग’
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:19 PM IST
विज्ञापन
मनोरंजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीटी रोड स्थित सिनेमा घर ‘नवरंग’ अब नए रूप में नजर आएगा। सिनेमा घर के मालिक ने मनोरंजन कर विभाग से एनओसी नहीं ली है। इसकी वजह से यहां 31 मार्च के बाद कोई भी फिल्म नहीं दिखाई गई।
सिनेमा के मालिक देविंदर सिंह ने बताया कि नवरंग फिलहाल जून तक बंद रहेगा। इसके बाद यहां मल्टीप्लेक्स बनाने का काम शुरू कराया जाएगा। उधर, डासना स्थित मधुबन टॉकिज अब हमेशा के लिए बंद हो गया है।
मल्टीप्लेक्स की बाढ़ ने पुराने सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों को बंद कर दिया है। शहर के अधिकांश टॉकिज खर्चा न निकाल पाने के कारण बंद हो गए हैं। कुछ ऐसा ही नवरंग टाकिज के साथ हुआ।
विज्ञापन
मालिक देविंदर सिंह ने बताया कि टॉकिज का खर्चा निकालना मुश्किल हो रहा था। इसलिए मार्च में मनोरंजन कर विभाग से नवीनीकरण नहीं कराया। प्लानिंग है कि टॉकिज के पुराने लुक को चेंज करके उसे मल्टीप्लेक्स का रूप दिया जाए। ठीक वैसे ही जैसे चौधरी सिनेमा की जगह अब चौधरी सिनेप्लेक्स बनाया गया है।
दूसरी ओर डासना स्थित मधुबन टॉकिज भी अब बंद हो गया है। टॉकिज के मैनेजर प्रदीप सेठ ने बताया कि पुरानी मशीनें होने की वजह से पुरानी फिल्मों का प्रिंट ही मिलता था। इसकी वजह से दर्शक भी कम ही आते थे। ऐसे में खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था।
विज्ञापन
सिनेमा के मालिक देविंदर सिंह ने बताया कि नवरंग फिलहाल जून तक बंद रहेगा। इसके बाद यहां मल्टीप्लेक्स बनाने का काम शुरू कराया जाएगा। उधर, डासना स्थित मधुबन टॉकिज अब हमेशा के लिए बंद हो गया है।
विज्ञापन
मल्टीप्लेक्स की बाढ़ ने पुराने सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों को बंद कर दिया है। शहर के अधिकांश टॉकिज खर्चा न निकाल पाने के कारण बंद हो गए हैं। कुछ ऐसा ही नवरंग टाकिज के साथ हुआ।
विज्ञापन
मालिक देविंदर सिंह ने बताया कि टॉकिज का खर्चा निकालना मुश्किल हो रहा था। इसलिए मार्च में मनोरंजन कर विभाग से नवीनीकरण नहीं कराया। प्लानिंग है कि टॉकिज के पुराने लुक को चेंज करके उसे मल्टीप्लेक्स का रूप दिया जाए। ठीक वैसे ही जैसे चौधरी सिनेमा की जगह अब चौधरी सिनेप्लेक्स बनाया गया है।
दूसरी ओर डासना स्थित मधुबन टॉकिज भी अब बंद हो गया है। टॉकिज के मैनेजर प्रदीप सेठ ने बताया कि पुरानी मशीनें होने की वजह से पुरानी फिल्मों का प्रिंट ही मिलता था। इसकी वजह से दर्शक भी कम ही आते थे। ऐसे में खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था।