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ढाई माह बाद बदल जाएगी मेरठ तिराहे की तस्वीर
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:31 AM IST
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नेशनल हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद (ब्यूरो)। करीब दो-ढाई महीने बाद मेरठ तिराहे की तस्वीर बदल जाएगी। यहां से गाड़ियां सरपट दौड़ती नजर आएंगी। दरअसल ग्रेड सेपरेटर के लिए जल्द ही एनओसी मिल जाएगी और फिर इसे पूरा होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इस सेपरेटर के नीचे एनएच 24 से आने वाली नई लिंक रोड मेरठ तिराहे से जुडे़गी।
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मेरठ तिराहे का गोल चक्कर रॉटरी की शक्ल में आ जाएगा। बगैर सेपरेटर यह आशंका थी कि नई लिंक रोड जब मेरठ तिराहे से आकर मिलेगी तो वहां ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाएगा और तिराहे पर रेड लाइट लगानी पडे़गी।
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इस लाइट से बचने के लिए ही सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) के निर्देश पर सेपरेटर का निर्माण शुरू किया गया था ताकि नया बस अड्डा से मोहन नगर की ओर जाने वाला ट्रैफिक तिराहे के ऊपर इस सेपरेटर से पार हो जाए।
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16 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सेपरेटर का नब्बे फीसदी काम पूरा हो चुका है। यह सेपरेटर साईं उपवन में नीचे उतर रहा है। उपवन में करीब दो सौ मीटर क्षेत्र से गुजर कर सेपरेटर जीटी रोड से मिल जाएगा। सेपरेटर के लिए उपवन में 64 पेड़ काटने होंगे। इसके लिए एनओसी लंबित है।
इस बारे में बुधवार को डीएफओ बीपी सिंह ने बताया कि एनओसी को लेकर अब कोई ऑब्जेक्शन नहीं है। सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और शीघ्र ही पर्यावरण मंत्रालय से जीडीए को एनओसी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि साईं उपवन जंगल क्षेत्र में आता है इसलिए एनओसी में समय लग गया।
उधर 145 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन एनएच-58 को एनएच-24 से जोड़ने वाली नई लिंक रोड का काम नब्बे फीसदी पूरा हो चुका है। रोड के बीच में बन रहे रेलवे के पुल पर गाडर बिछाने का काम मंगलवार को पूरा हो गया। रेलवे इस पुल का काम पांच अगस्त तक पूरा कर देगा।
इसके बाद इस रोड को चालू करने में एक-डेढ़ महीने का समय लगेगा। इस बीच एनओसी मिलने के बाद ग्रेड सेपरेटर को पूरा करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। जीडीए वीसी ने कहा कि सितंबर के अंत तक या अक्टूबर में लिंक रोड और ग्रेड सेपरेटर दोनों के चालू होने की उम्मीद है।