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147 करोड़ के बकाये पर रेडमॉल का ऑफिस सील
Updated Thu, 30 Nov 2017 05:02 PM IST
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147 करोड़ के बकाये पर रेडमॉल का दफ्तर सील
- तहसील प्रशासन की तरफ से बुधवार को की गई सीलिंग की कार्रवाई
- नियमानुसार धन नहीं जमा कराया तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। जीडीए के करीब 147 करोड़ रुपये के मामले में जीटी रोड स्थित रेडमॉल ऑफिस के दफ्तर को सील कर दिया गया। बुधवार को तहसील प्रशासन की तरफ से सीलिंग की कार्रवाई की गई। अब अगर मॉल प्रबंधन संबंधित धनराशि मुहैया नहीं करता है तो तहसील प्रशासन नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई शुरू करेगा।
तहसीलदार विजय शंकर ने बताया कि रेडमॉल के खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश पर आरसी पहले से जारी करी गई थी, लेकिन उसके बाद भी कोई पैसा जमा नहीं कराया गया। ऐसे में बुधवार को टीम भेजकर रेडमॉल का ऑफिस सील कर दिया गया है। अब नियमानुसार 15 दिन के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उधर, जीडीए ने रेडमॉल के लिए साल 2006 में 42000 वर्ग भूमि मुहैया कराई थी। निर्धारित धनराशि का 25 फीसदी जमा कराए जाने के बाद जीडीए द्वारा कब्जा दे दिया गया। बकाया धनराशि जमा करने के लिए तीन बार पेमेंट शेड्यूल को नए सिरे से निर्धारित किया गया, लेकिन धनराशि जमा नहीं कराई गई। जीडीए का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद से फर्म द्वारा कोई धनराशि जमा नहीं कराई गई है। कई बार नोटिस भी जारी किया गया। जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने बकायेदारों पर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया तो उसके बाद रेडमॉल पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई। जीडीए के अनुरोध पर जिला प्रशासन द्वारा बीते दिनों रेडमॉल की आरसी जारी की गई थी लेकिन उसके बाद भी कोई धनराशि जाम नहीं कराई गई है। बताया जा रहा है कि भूमि की वास्तविक कीमत ब्याज समेत करीब 147 करोड़ रुपये के आसपास है।
- तहसील प्रशासन की तरफ से बुधवार को की गई सीलिंग की कार्रवाई
- नियमानुसार धन नहीं जमा कराया तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। जीडीए के करीब 147 करोड़ रुपये के मामले में जीटी रोड स्थित रेडमॉल ऑफिस के दफ्तर को सील कर दिया गया। बुधवार को तहसील प्रशासन की तरफ से सीलिंग की कार्रवाई की गई। अब अगर मॉल प्रबंधन संबंधित धनराशि मुहैया नहीं करता है तो तहसील प्रशासन नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई शुरू करेगा।
तहसीलदार विजय शंकर ने बताया कि रेडमॉल के खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश पर आरसी पहले से जारी करी गई थी, लेकिन उसके बाद भी कोई पैसा जमा नहीं कराया गया। ऐसे में बुधवार को टीम भेजकर रेडमॉल का ऑफिस सील कर दिया गया है। अब नियमानुसार 15 दिन के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उधर, जीडीए ने रेडमॉल के लिए साल 2006 में 42000 वर्ग भूमि मुहैया कराई थी। निर्धारित धनराशि का 25 फीसदी जमा कराए जाने के बाद जीडीए द्वारा कब्जा दे दिया गया। बकाया धनराशि जमा करने के लिए तीन बार पेमेंट शेड्यूल को नए सिरे से निर्धारित किया गया, लेकिन धनराशि जमा नहीं कराई गई। जीडीए का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद से फर्म द्वारा कोई धनराशि जमा नहीं कराई गई है। कई बार नोटिस भी जारी किया गया। जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने बकायेदारों पर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया तो उसके बाद रेडमॉल पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई। जीडीए के अनुरोध पर जिला प्रशासन द्वारा बीते दिनों रेडमॉल की आरसी जारी की गई थी लेकिन उसके बाद भी कोई धनराशि जाम नहीं कराई गई है। बताया जा रहा है कि भूमि की वास्तविक कीमत ब्याज समेत करीब 147 करोड़ रुपये के आसपास है।
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