फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   30 will be closed to private hospitals, emergency open

30 को बंद रहेंगे प्राइवेट अस्पताल, इमरजेंसी खुलेगी

Thu, 28 Jul 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद Updated Thu, 28 Jul 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
30 will be closed to private hospitals, emergency open
दिल धड़कता देख परिजन बोले जिंदा है रामदास डॉक्टर बोले ब्रेन डेड है, बचने की उम्मीद नहीं - फोटो : bureau
राज्य सरकार द्वारा क्लीनिकल स्टेबलिशमेंट एक्ट लागू करने के विरोध में आईएमए ने 30 जुलाई को प्रदेश में सभी प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक सहित पैथ लैब बंद रखने का आह्वान किया है। बुधवार को आईएमए भवन में एक प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी गई।
विज्ञापन


प्रेस वार्ता में आईएमए के अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने बताया कि यह एक जन विरोधी अधिनियम है, जिससे प्रदेश के अधिकतर अस्पताल और क्लीनिक बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही चिकित्सा सेवाएं भी और महंगी हो जाएंगी। इसलिए एक्ट लागू न करने की या फिर संशोधन के बाद लागू करने की मांग की गई है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर 30 जुलाई को इमरजेंसी छोड़कर सभी प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक और लैब सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेंगे। 30 जुलाई को चिकित्सक सुबह 9 बजे आईएमए भवन राजनगर पर एकत्र होंगे और वहां से डीएम कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपाध्यक्ष वीबी जिंदल ने बताया कि यूपी आईएमए के चिकित्सक पूरे प्रदेश में 30 जुलाई को विरोध दिवस के रूप में मनाएंगे। सचिव पल्लव रस्तोगी ने बताया कि एक क्लीनिक या अस्पताल को शुरू करने के लिए दो दर्जन लाइसेंस और अनुमति लेनी होती हैं। सरकार से मांग की जाएगी कि इसके लिए एकल विंडो योजना लाई जाए।

एक्ट की इन बातों का है विरोध


- प्रत्येक चिकित्सा संस्थान को सरकार से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इससे चिकित्सा शिविर तक लगना मुश्किल हो जाएगा।
- सभी अस्पतालों में मान्यता प्राप्त नर्सों एवं चिकित्साकर्मियों को तैनात करना अनिवार्य होगा। इससे कई अस्पताल और नर्सिंग होम बंद हो जाएंगे, जबकि केंद्रीय सर्वे और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार नर्सों की और सेवाकर्मियों की भारी कमी है।


- एकल क्लीनिक को इस एक्ट से अलग रखा जाए, क्योंकि एक डॉक्टर द्वारा चलाए जा रहे क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ की हड्डी हैं।
- एक्ट के तहत इलाज से पहले कई जांच करना अनिवार्य होगा, इससे भी मुश्किलें आएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed