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एससी कोटे में 14, ओबीसी में 20 वार्ड

Tue, 09 May 2017 11:20 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 09 May 2017 11:20 PM IST
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14 quota in SC quota, 20 wards in OBC
ELECTION - फोटो : demo pic

अनुसूचित जाति के लिए अब शहर में 21 नहीं 14 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए भी 27 की बजाए सिर्फ 20 वार्ड ही आरक्षित किए गए हैं। इन दोनों ही वर्ग के लिए उनकी आबादी के मुताबिक आरक्षण दिया गया है।

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जिला प्रशासन और नगर निगम ने आगामी निकाय चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण तय कर मंगलवार को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अब नगर विकास विभाग से जांच के बाद आरक्षण प्रस्ताव पर मुहर लगेगी।
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आरक्षण व्यवस्था के मुताबिक 21 फीसदी आरक्षण एससी/एसटी वर्ग के लिए, 27 फीसदी आरक्षण ओबीसी के लिए होना था। अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था तब ही हो सकती है जब आबादी में भी उस वर्ग की उतनी या उससे ज्यादा संख्या हो।
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ओबीसी की गणना के लिए कराए गए रैपिड सर्वे से जुड़े आंकड़ों के आधार पर अनुसूचित जाति-जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी को सटीक जानकारी मिली। वर्ष 2011 की जनगणना में 14 फीसदी आबादी एसएसी/एसटी वर्ग की और करीब 20 फीसदी ओबीसी वर्ग आबादी थी।

ऐसे में अब इन वर्गों के लिए आरक्षण भी 14 और 20 फीसदी ही दिया गया है। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए 100 में से 14 वार्ड और ओबीसी के लिए 100 में से 20 वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन ने वार्डों का आरक्षण प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है।

इस फार्मूले से तय हुआ वार्ड आरक्षण
नगर निगम और जिला प्रशासन ने चार फार्मूले लगाकर वार्ड आरक्षण तय किया है। इसमें सबसे पहले अनुसूचित जाति-जनजाति और ओबीसी की आबादी को आधार बनाया गया है। यानी सबसे ज्यादा एससी-एसटी आबादी वाले वार्ड को ही एससी श्रेणी में रखा गया है।

इसके साथ ही यह भी देखा गया है कि संबंधित वार्ड 2012 के निकाय चुनाव में समान श्रेणी में आरक्षित नहीं किया गया हो। अगर ऐसा है तो वह उसी वर्ग में दोबारा आरक्षित नहीं किया जाएगा, भले ही एससी आबादी वहां ज्यादा हों। इसी तरह से ओबीसी श्रेणी में आरक्षण व्यवस्था की गई है।


50 से ज्यादा पार्षदों का बिगड़ जाएगा गणित
नए सिरे से वार्ड आरक्षण तय होने के बाद निगम के मौजूदा 80 पार्षदों में से 50 से ज्यादा का चुनावी समीकरण बिगड़ जाएगा। कई ऐसे वार्ड हैं जो पहले ओबीसी या सामान्य वर्ग में थे, लेकिन इस बार उनका आरक्षण बदल जाएगा। ऐसे में नगर निगम के नए सदन में अधिकांश नए चेहरे देखने को मिलेंगेे।

वार्डों का प्रस्तावित आरक्षण
5 वार्ड         - एससी महिला वर्ग
9 वार्ड         - एससी वर्ग

7 वार्ड         - ओबीसी महिला वर्ग
13 वार्ड     - ओबीसी वर्ग

22 वार्ड     - सामान्य महिला वर्ग
44 वार्ड     - अनारक्षित वर्ग 

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