फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   प्राइमरी स्कूलों में बनेगी लाइब्रेरी, लगेगा पीरियड

प्राइमरी स्कूलों में बनेगी लाइब्रेरी, लगेगा पीरियड

Wed, 21 Feb 2018 05:24 PM IST
Updated Wed, 21 Feb 2018 05:24 PM IST
विज्ञापन
प्राइमरी स्कूलों में बनेगी लाइब्रेरी, लगेगा पीरियड
प्राइमरी स्कूलों में बनेगी लाइब्रेरी, लगेगा पीरियड
विज्ञापन


गाजियाबाद। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में पढ़ने-लिखने की आदत डालने के लिए अब स्कूलों में लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से बजट भी जारी किया गया है। लाइब्रेरी के लिए जिले के100 स्कूलों को चिन्हित किया जाएगा। लाइब्रेरी का 45 मिनट का पीरियड भी लगेगा।
बीएसए विनय कुमार ने बताया कि 50 प्राइमरी और 50 अपर प्राइमरी विद्यालयों को चयनित किया जाएगा। स्कूलों में 5-5 हजार रुपये की अलमारी और किताबें खरीदी जाएंगी। किताबों एनसीईआरटी की होंगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों के सिलेबस से जुड़ी कुछ अतिरिक्त किताबें होंगी, जिससे विद्यार्थियों को अपना पाठ्यक्रम समझने में आसानी होगी। भारत के महान पुुरुषों की जीवनियां और उनके द्वारा रचित किताबों को भी रखने की योजना है। पूर्व में स्कूलों में आई एनबीटी की किताबों और लाइब्रेरी योजना ठप हो जाने के सवाल पर बीएसए ने कहा कि उस वर्ष छात्रों की गुणवत्ता के कहीं अधिक बड़े सिलेबस की किताबें आ गई थी। जिसे समझना मुश्किल था। यही वजह रही कि योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इस बार एनसीईआरटी और सिलेबस से जुड़ी किताबें होंगी।
विज्ञापन


45 मिनट का होगा पीरियड
मार्च तक स्कूलों में लाइब्रेरी शुरू हो जाएगी। इसके बाद जिन स्कूलों में लाइब्रेरी है, वहां लाइब्रेरी का पीरियड बनाया जाएगा। यह 45 मिनट का होगा। इस दौरान बच्चे स्कूल ग्राउंड या फिर अपने क्लास में भी लाइब्रेरी की किताबें पढ़ेंगे। शिक्षक उन किताबों से जुड़े सवाल जवाब पूछेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


2011 में आया था बजट
2011 में जूनियर हाईस्कूल के लिए 8-8 हजार का बजट लाइब्रेरी के नाम पर आया था। इसके तहत कहा गया था कि इन किताबों से नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबें विद्यार्थियों के लिए रखी जाएंगी। बजट आने के बाद कुछ स्कूलों में किताबें आई भी। बाद में बताया गया कि एनबीटी से ही किताबें स्कूलों को नहीं भेजी गई। योजना ठप हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed