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Ghaziabad: आरआरटीएस कॉरिडोर के किनारे बस सकती है ग्रीन फील्ड सिटी, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में मंथन
Sun, 28 Jun 2026 03:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
धीरेंद्र मिश्र, गाजियाबाद
धीरेंद्र मिश्र, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 28 Jun 2026 03:53 AM IST
सार
इसको लेकर पिछले सप्ताह दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें क्षेत्रीय योजना-2041 के मसौदे पर विस्तार से चर्चा की गई।
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Delhi-Ghaziabad-Meerut Regional Rapid Transit System (RRTS)
- फोटो : PTI
विस्तार
गाजियाबाद से मेरठ तक जा रहे आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के किनारे ग्रीन फील्ड सिटी बसाई जा सकती है। इसको लेकर पिछले सप्ताह दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें क्षेत्रीय योजना-2041 के मसौदे पर विस्तार से चर्चा की गई। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा व एनसीआर प्लानिंग सेल के अधिकारी मौजूद रहे।
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बोर्ड बैठक में शामिल जीडीए सचिव विवेक मिश्र ने बताया कि प्रमुख रूप से तीनों राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में आरआरटीएस कॉरिडोर के किनारे ग्रीन फील्ड सिटी विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यों से संभावित भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है। अगले दो महीने में होने वाली बैठक में ड्राफ्ट के अंतिम रूप लेने की संभावना है।एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और अनियोजित शहरीकरण के दबाव को कम करने के लिण् ग्रीन फील्ड सिटी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
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गाजियाबाद या मेरठ को मिल सकता है मौका
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सहायक समन्वयक नियोजक शिवम कसाना के अनुसार, गाजियाबाद और मेरठ दोनों जिलों में आरआरटीएस कॉरिडोर मौजूद है। ऐसे में ग्रीन फील्ड सिटी इनमें से किसी एक जिले में विकसित की जा सकती है। ग्रीन फील्ड सिटी का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करना है। यहां सड़क, सीवर, पेयजल, बिजली, पार्क, स्कूल, अस्पताल और औद्योगिक क्षेत्र जैसी सुविधाएं पहले से तय योजना के अनुरूप विकसित की जाएंगी। इनमें सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने के साथ अधिक हरित क्षेत्र, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा।
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2041 तक 14 करोड़ आबादी का अनुमान
आठ जिले गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर एनसीआर क्षेत्र में शामिल हैं। वर्तमान में इनकी आबादी करीब ढाई से तीन करोड़ के बीच है। एनसीआर सेल के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2041 तक एनसीआर क्षेत्र की आबादी लगभग 14 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के मुख्य समन्वयक नियोजक कृष्ण मोहन ने बताया कि प्रस्ताव के तहत प्रत्येक ग्रीन फील्ड सिटी के विकास के लिए केंद्र की ओर से पांच हजार करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई है।