गौरव चंदेल हत्याकांडः ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हत्यारों का अस्थायी ठिकाना, घेराबंदी में जुटी पुलिस
- वारदात के बाद सादुल्लापुर औैर जलालपुर में मिली थी मोबाइल की लोकेशन
- वारदात के बाद क्षेत्र में छुपने ओर बाद में फरार होने की आशंका
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गौरव चंदेल की हत्या के बाद उसके मोबाइल की लोकेशन सादुल्लापुर व जलालपुर के आसपास मिली थी। इससे पूरी आशंका है कि वारदात के बाद बदमाश इस ओर आए थे। इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता कि गिरोह ने यहां अस्थायी ठिकाना बना रखा है। गिरोह ने वारदात के बाद कुछ देर या रात में यहां शरण ली और फिर बाद में यहां से गाजियाबाद क्षेत्र में फरार हुए हों।
अब तक की पड़ताल के बाद सबसे अधिक शक मिर्ची गैंग और उसके सरगना प्रवीण उर्फ आशु पर है। गिरोह ने इससे पहले भी बिसरख व ग्रेटर नोएडा पुलिस को चकमा दिया है। मिर्ची गैंग की संलिप्तता की संभावना और सरगना के हत्थे नहीं चढ़ने के कारण पुलिस गुर्गों की भी घेराबंदी में जुट गई है। पुलिस को उम्मीद है कि गुर्गों की गिरफ्तारी से सरगना का सुराग लग सकता है।
दरअसल, गौरव चंदेल के गुरुग्राम से लौटने के दौरान घर नहीं पहुंचने और कॉल रिसीव नहीं करने पर पत्नी प्रीति ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रैस कराई थी।
तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण को दिए स्पष्टीकरण में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी मनोज पाठक ने जानकारी दी थी कि सबसे पहले मोबाइल लोकेशन सादुल्लापुर की मिली थी। इसके बाद लोकेशन जलालपुर की मिली। दोनों गांव आसपास हैं। ऐसे में पुलिस दावा कर रही थी कि मोबाइल टावर ज्यादा होने से नेटवर्क ओवरलैपिंग के कारण लोकेशन चेंज हो रही है।
पुलिस ने कहा था कि मोबाइल घटना स्थल के आसपास ही कहीं पड़ा है। खास बात यह है कि जलालपुर और सादुल्लापुर दोनों ही गांव घटनास्थल से लगभग छह किमी दूर हैं। ऐसे में ओवरलैपिंग घटनास्थल से जलालपुर तक होना मुश्किल है। जलालपुर और सादुल्लापुर की ओवरलैपिंग हो सकती है, लेकिन मोबाइल गौड़ सिटी से तिगरी जाने वाले मार्ग पर मिला है।
यह मार्ग गाजियाबाद एनएच-24 के लिए जाता है। ऐसे में ओवरलैपिंग की संभावना कम है और इस बात की अधिक आशंका है कि बदमाश वारदात के बाद जलालपुर और सादुल्लापुर के आसपास पहुंचे हैं और इन दोनों गांव के पास रोजा याकूबपुर, पतवारी आदि गांव के करीब गिरोह का अस्थायी ठिकाना हैं, जहां पर इन्होंने शरण ली है।
नंबर प्लेट निकालने के बाद ग्रेनो वेस्ट से गाजियाबाद ले गए कार
गाजियाबाद में जब गौरव की कार बरामद की गई, उस दौरान कार से नंबर प्लेट निकली हुई थी। कार पर गौड़ सिटी का स्टीकर लगा हुआ था। कार पर काफी धूल मिट्टी लगी थी। गाजियाबाद पुलिस ने जब मिट्टी हटाकर कार का स्टीकर साफ किया तब उस पर गौरव चंदेल नाम लिखा देखा।
इसके बाद पुलिस ने ग्रेटर नोएडा पुलिस से संपर्क किया। इस बात की भी आशंका है कि बदमाशों ने सादुल्लापुर व जलालपुर के पास अस्थायी ठिकाने पर ले जाकर कार की नंबर प्लेट निकाली, इसके बाद ही वह कार गाजियाबाद क्षेत्र में वारदात करने निकले होंगे।
गुर्गों को पकड़कर सरगना आशु तक पहुंचने की योजना
गौरव हत्याकांड का खुलासा न केवल यहां लागू हुए कमिश्नरी सिस्टम, बल्कि यूपी पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया है। गौतमबुद्ध नगर ही नहीं गाजियाबाद जिले की पुलिस भी गौरव की कार उनके क्षेत्र में मिलने के कारण बदमाशों की तलाश में जुट गई है। पुलिस की कई विशेष टीमें बदमाशों की सुरागकशी में जुटी हैं। पुलिस को गौरव का मोबाइल और कार मिली है, लेकिन इसके अलावा बदमाशों के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
चार मूर्ति-गाजियाबाद मार्ग का अक्सर बदमाश लेते हैं सहारा
गौरव चंदेल की हत्या पहली वारदात नहीं, चार मूर्ति गोलचक्कर से गौड़ सिटी के सामने से गाजियाबाद जाने वाले मार्ग का प्रयोग पहले भी बदमाश करते रहे हैं। गाजियाबाद के बदमाश अक्सर इस रोड के रास्ते ग्रेनो वेस्ट में वारदात कर फरार हो जाते हैं। इसके बावजूद दो जिलों को जोड़ने वाले मार्ग की सुरक्षा राम भरोसे ही रही है।
तीन बार आशु ने दिया है ग्रेनो पुलिस को चकमा
1 . धौलाना में भाजपा नेता की हत्या आशु ने अपने गिरोह के साथ ग्रेनो वेस्ट से एक युवक की कार लूटकर की थी। इस दौरान आशु व उसका एक साथी एवीजे हाइट्स सोसायटी के पास मार्केट के सीसीटीवी में कैद हुआ था।
2. बिसरख कोतवाली पुलिस को लगभग तीन माह पहले आशुु के एक महिला (संभवत: उसकी पत्नी) के साथ कार में बैठकर आने की सूचना मिली थी, लेकिन आशु पुलिस पर फायरिंग कर भागने में कामयाब हो गया था।
3. नॉलेज पार्क में एक्सपो मार्ट के बाद पुलिस वर्दी में बदमाशों ने कार लूटी थी। पीड़ित को जब आशु का फोटो दिखा गया तो उसने पहचान लिया था। गौरव चंदेल की हत्या भी पुलिस वर्दी में किए जाने की आशंका जताई गई है।