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700 लोगों से 7.21 करोड़ ठगने वाला जालसाज धरा
Sat, 31 Aug 2019 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 31 Aug 2019 06:27 AM IST
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जयप्रकाश सैनी उर्फ त्रिलोक सिंह सिंधू
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 700 से ज्यादा लोगों से 7.21 करोड़ रुपये ठगने वाले जालसाज जयप्रकाश सैनी उर्फ त्रिलोक सिंह सिंधू (39) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बख्तापुर में को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर उसमें लोगों को फ्लैट की सदस्यता देने का झांसा दिया था।
ये लोगों से पैसे लेकर साथियों समेत फरार हो गया था। इसी तरह द्वारका इलाके में फ्लैट्स बेचने के नाम पर लोगों से पैसे लेकर फरार हो गया था। आरोपी के खिलाफ जालसाजी के पांच मामले दर्ज हैं। आरोपी तीन वर्ष से फरार था और कोर्ट ने जयप्रकाश को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव रंजन के अनुसार, एक व्यक्ति की शिकायत पर 21 जनवरी, 2016 को सुभाष पैलेस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि जयप्रकाश सैनी ने अपने साथियों के साथ बख्तापुर में वेदांता वेलफेयर सोसाइटी बनाई।
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इसके बाद उसने बख्तापुर में को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर लोगों को उसमें फ्लैट की सदस्यता देने के नाम पर पैसा लेना शुरू कर दिया। आरोपी ने दावा किया था कि 30 एकड़ में सोसाइटी बननी है। शिकायतकर्ता ने परिवार के सदस्यों के साथ चार फ्लैट बुक कराए थे और उसने आरोपी को 34 लाख रुपये दिए थे। इसी तरह कुल 47 लोगों ने सोसाइटी में फ्लैट बुक कराए थे।
आरोपी अपने साथियों के साथ पीड़ितों से करीब 4.35 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया था। दूसरे मामले में आरोपी ने द्वारका में कुछ फ्लैटों का खुद को मालिक बताया और बेचने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठ ली। इसके बाद फरार हो गया।
मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। अपराध शाखा में तैनात एसीपी मनोज पंत के नेतृत्व में इंस्पेक्टर यशपाल सिंह की टीम भी आरोपी की तलाश कर रही थी।
टीम में तैनात एएसआई कुलदीप को सूचना मिली थी कि सेक्टर-10 निवासी जयप्रकाश सैनी कोलकाता में पहचान बदलकर रह रहा है और उसने अपना नाम त्रिलोक सिंह सिंधू रखा हुआ है।
पुलिस टीम ने आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले तीन वर्ष से फरार था। वर्ष 2002 में इसने रियल एस्टेट कंसलटेंट का द्वारका में काम शुरू किया। वर्ष 2011 में इसने साथियों के साथ वेदांता वेलफेयर सोसाइटी बनाई थी।
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ये लोगों से पैसे लेकर साथियों समेत फरार हो गया था। इसी तरह द्वारका इलाके में फ्लैट्स बेचने के नाम पर लोगों से पैसे लेकर फरार हो गया था। आरोपी के खिलाफ जालसाजी के पांच मामले दर्ज हैं। आरोपी तीन वर्ष से फरार था और कोर्ट ने जयप्रकाश को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव रंजन के अनुसार, एक व्यक्ति की शिकायत पर 21 जनवरी, 2016 को सुभाष पैलेस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि जयप्रकाश सैनी ने अपने साथियों के साथ बख्तापुर में वेदांता वेलफेयर सोसाइटी बनाई।
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इसके बाद उसने बख्तापुर में को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर लोगों को उसमें फ्लैट की सदस्यता देने के नाम पर पैसा लेना शुरू कर दिया। आरोपी ने दावा किया था कि 30 एकड़ में सोसाइटी बननी है। शिकायतकर्ता ने परिवार के सदस्यों के साथ चार फ्लैट बुक कराए थे और उसने आरोपी को 34 लाख रुपये दिए थे। इसी तरह कुल 47 लोगों ने सोसाइटी में फ्लैट बुक कराए थे।
आरोपी अपने साथियों के साथ पीड़ितों से करीब 4.35 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया था। दूसरे मामले में आरोपी ने द्वारका में कुछ फ्लैटों का खुद को मालिक बताया और बेचने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठ ली। इसके बाद फरार हो गया।
मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। अपराध शाखा में तैनात एसीपी मनोज पंत के नेतृत्व में इंस्पेक्टर यशपाल सिंह की टीम भी आरोपी की तलाश कर रही थी।
टीम में तैनात एएसआई कुलदीप को सूचना मिली थी कि सेक्टर-10 निवासी जयप्रकाश सैनी कोलकाता में पहचान बदलकर रह रहा है और उसने अपना नाम त्रिलोक सिंह सिंधू रखा हुआ है।
पुलिस टीम ने आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले तीन वर्ष से फरार था। वर्ष 2002 में इसने रियल एस्टेट कंसलटेंट का द्वारका में काम शुरू किया। वर्ष 2011 में इसने साथियों के साथ वेदांता वेलफेयर सोसाइटी बनाई थी।