मैजिक पेन से उड़ाया जा रहा अकाउंट से पैसा
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राजधानी में ठग मैजिक पेन को अपना हथियार बना रहे हैं। मैजिक पेन के जरिए बैंक अकाउंट में सेंध लगा रहे हैं। पुलिस इस तरह की ठगी करने वालों को पकड़ने को लेकर गंभीर नहीं दिखती है। ऐसे मैजिक पेन बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं।
राजधानी में इस तरह की वारदात को अंजाम देने वाले गैंग के सदस्य खुद को किसी कंपनी का नुमाइंदा बताकर लोगों के पास पहुंचते हैं और उन्हें लोक लुभावन स्कीम बताकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। आरोपी पीड़ितों से स्कीम के लिए रुपये चेक के माध्यम से लेते हैं और बहुत ही चालाकी से पीड़ितों को अपने दिए पेन से चेक पर रुपये और हस्ताक्षर करवा लेते हैं।
बाद में ठग मैजिक पैन से लिखी रकम को मिटाकर उस पर लाखों की रकम लिख देते हैं और फिर उस चेक को बैंक से भुना लेते हैं। अकाउंट से रुपये निकाले जाने के बाद पीड़ितों को ठगे जाने का एहसास होता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
आरोपी पुलिस की पकड़ से काफी दूर होता है। कुछ मामलों में देखा गया है कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी का फोटो होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में दिलचस्पी नहीं दिखाती है।
पीड़ित की तत्परता से पकड़े गए तीन ठग
तीन नवंबर को एक ठग ने हौजकाजी इलाके में व्यवसायी श्याम सुंदर शर्मा को खुद को एक समाचार पत्र का एजेंट बताया। आरोपी ने व्यवसायी को एक स्कीम बताई जिसके तहत 699 रुपये में उन्हें साल भर के लिए समाचार पत्र देने का आश्वासन दिया।
श्याम सुंदर को यह स्कीम अच्छी लगी और उसने आरोपी को 699 रुपये का चेक दे दिया। चेक लेने के बाद आरोपी अपने सहयोगियों के साथ चावड़ी बाजार के ओरियेंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की शाखा में पहुंचा और मैजिक पैन से लिखी रकम को मिटाकर उसने चेक पर पौन पांच लाख रुपये की रकम लिख दी। बैंक में चेक कैश करवाने की प्रक्रिया पूरी होने के दौरान श्याम सुंदर के मोबाइल पर मैसेज आया।
जिस मैसेज को देखकर श्यामसुंदर का माथा ठनका और वह तुरंत अपने भाई के साथ बैंक पहुंचे। जहां उसे आरोपी रुपये लेने के इंतजार में खड़ा मिला। उसने शोर मचा दिया। श्याम सुंदर को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया। लेकिन गार्ड की मदद हर्ष विहार निवासी आशीष कुमार (22) को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर शनिवार को उसके दो सहयोगी हर्ष विहार निवासी विक्की (24) और जाहिद खान (23) को भी पकड़ लिया।
कमीशन लेकर कई युवक कर रहे वारदात
आशीष ने पूछताछ में बताया है कि इस धंधे से जुड़े कई युवक कमीशन पर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। उसने बताया कि उसे वारदात के बाद मिले रकम में से 20 फीसदी हिस्सा मिलता है। अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि गिरोह का सरगना कौन है। जांच में यह बात सामने आई है कि सरगना कॉलेज में पढ़ने वाले इन युवकों से ठगी की वारदात को अंजाम दिला रहा है।
दो माह बाद पुलिस ने की शिकायत दर्ज
बुराड़ी इलाके में रहने वाले मनीष झा के साथ ठगों ने मोबाइल का स्कीम बताकर ठगी की। आरोपियों ने मनीष के बैंक अकाउंट से डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। 20 अगस्त को ठगों ने मनीष को फोन कर मोबाइल नंबर लेने के स्कीम के बारे में बताया। मनीष को स्कीम पसंद आई और अगले दिन ठग उसके पास आकर उससे 120 और 80 रुपये का चेक ले गए। लेकिन उससे अगले दिन मनीष के पास बैंक का एक मैसेज आया। जिसमें उसके अकाउंट से डेढ़ लाख रुपये निकाले जाने की बात लिखी हुई थी। इसके बाद मनीष थाने और पुलिस अधिकारियों के यहां चक्कर लगाता रहा। दो माह बाद मामला दर्ज किया गया, अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं।
चेक जमा और क्लीयर होने का मिलेगा एसएमएस अलर्ट
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने चेक के बढ़ते फ्रॉड मामलों को देखते हुए सभी बैंको को निर्देश दिया है कि वे चेक के जमा होने और क्लीयर होने दोनों के अलग-अलग एसएमएस अलर्ट भेजेंगे। ये अलर्ट चेक देने वाले और जिसके नाम है, दोनों को मिलेगा। इससे फ्रॉड मामले तो रुकेंगे ही साथ ही आरोपी सलाखों के पीछे जाएंगे।