डेंगू से दहली दिल्ली, जायजा लेने पहुंचे केजरीवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दो बच्चों समेत तीन मरीजों की मौत डेंगू से हो गई। मृतकों में से दो दिल्ली के रहने वाले थे और एक उत्तर प्रदेश के बिजनौर का।
दिल्ली में सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या 13 है। जबकि, गैर आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि बीमारी से अब तक 26 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 2500 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के प्रवक्ता वीके सिन्हा ने बताया कि बृहस्पतिवार को अस्पताल में तीन मरीजों की मौत डेंगू की वजह से हो गई। इनमें दिल्ली के द्वारका के रहने वाली रहिशा (37), नांगलोई की किरण कुमारी (12) और उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाले मोहम्मद शेखावत शामिल है।
आरएमएल में इस साल छह मरीजों की मौत हो चुकी है
रहिशा 11 सितंबर से ही आरएमएल में अपना इलाज करवा रही थीं। जबकि, किरण को बृहस्पतिवार को ही अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था।
शेखावत को भी बृहस्पतिवार को ही इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। बता दें कि आरएमएल अस्पताल में अब तक इस वर्ष डेंगू से छह मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि, डेंगू के 544 मामले सामने आ चुके हैं।
डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद भले ही अस्पताल-प्रशासन मरीज को भर्ती करने से अब इनकार न कर रहे हो लेकिन आईसीयू में बिस्तर खाली नहीं होने की वजह से मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आईसीयू में बिस्तर की तलाश में न्यू सीमापुरी इलाके में रहने वाले दसवीं कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज में कोताही बरती गई और लगातार तबीयत बिगड़ती चली गई। तीन से चार दिनों के इलाज में करीब एक लाख रुपये खर्च करने पड़े।
17 साल के रिषभ ने भी तोड़ा दम
न्यू सीमापुरी इलाके में रहने वाले राम किशोर के 17 वर्षीय बेटे रिषभ को घर के नजदीक के रेडक्रॉस अस्पताल में जांच कराई गई, जिसमें डेंगू की पुष्टि हो गई। इसके बाद मरीज की स्थिति खराब होने पर उसे विवेक विहार स्थित गुप्ता नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
तबीयत में सुधार नहीं होने के बाद रिषभ को पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीड़ित के नजदीकी बी.एल. जिम्मबार ने बताया कि दिल्ली में तीन जगहों पर दिखाया और इस दौरान करीब एक लाख रुपये खर्च हो गए।
प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई, लेकिन मैक्स पटपड़गंज ने कहा कि बच्चे को आईसीयू की जरूरत है लेकिन यहां बिस्तर खाली नहीं है। इसलिए बच्चे को मैक्स वैशाली में रेफर कर दिया, जहां बच्चे की बृहस्पतिवार शाम मौत हो गई।
काबू होते हालात का सीएम ने लिया जायजा
डेंगू से अनियंत्रित होती स्थिति और अस्पतालों में मरीजों की व्यवस्था का जायजा लेने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लाल बहादुर शास्त्री और राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल पहुंचे।
एलबीएस में मरीजों की भीड़ देख कर वैकल्पिक इंतजाम करने और आज से ही सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल को डेंगू मरीजों के लिए शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली के ताहीरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी को आज से शुरू किया जा रहा है।
इस अस्पताल में फिलहाल 200 मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। इस अस्पताल में मरीजों के इलाज और देखभाल के लिए जीटीबी अस्पताल से कुछ डॉक्टर, नर्सेज व पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी।
इसके अलावा चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि दो से तीन माह के लिए अपने स्तर से डॉक्टर, नर्सेज व पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति कर सकते हैं। ताकि, मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। उम्मीद है कि रविवार अथवा सोमवार से जनकपुरी स्थित सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में भी 200 बिस्तरों पर डेंगू और फीवर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाए।