फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप
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नोएडा के एक नामी अस्पताल फोर्टिस में महिला की डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उसके पेट में लंबी पट्टी छोड़ दी। करीब छह माह बाद पीड़ित परिवार ने दिल्ली के निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराकर पट्टी निकलवाई।
महिला अभी भी अस्पताल में भर्ती है। पीड़ित परिवार की ओर से इस संबंध में दिल्ली के साकेत थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
जानकारी के मुताबिक पेट में तेज दर्द और मेडिकल जांच में पेट में कोई सामान होने की बात पता लगने के बाद नोएडा निवासी स्वाति (परिवर्तित नाम) को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छह महीने सहती रही दर्द
30 जून को सर्जरी कर महिला के पेट से बड़ी पट्टी निकाली गई। उसके स्वास्थ्य में अब सुधार हो रहा है। स्वाति के भाई अभिषेक के मुताबिक, डॉक्टरों ने जरूरत पड़ने पर एक और सर्जरी की संभावना जताई है।
इससे पहले नोएडा के सेक्टर-62 में रहने वाली स्वाति को डिलीवरी के लिए वहीं के फोर्टिस अस्पताल में 22 दिसंबर 2013 को भर्ती कराया गया था।
23 दिसंबर को उसको सीजेरियन ऑपरेशन से बेटा हुआ और 26 दिसंबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इसके बाद से महिला के पेट में लगातार दर्द होता रहा।
और तब उड़ गए थे होश
शुरुआत में परिजनों को लगा कि टांके की वजह से पेट में दर्द है। इस कारण वह नवजात को दूध नहीं पिला पाती थी। इसी साल मई में स्वाति के पेट में असहनीय दर्द हुआ। परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए।
अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन की रिपोर्ट में उसके पेट में कोई सामान पड़े होने की जानकारी डॉक्टरों को मिली। परिजनों ने दोबारा से नोएडा के उसी अस्पताल में इलाज नहीं कराने का फैसला किया। इसके बाद साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में सर्जरी कर स्वाति के पेट से पट्टी निकाली गई।
फोर्टिस अस्पताल के प्रवक्ता का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में एक जांच कमेटी गठित कर दी है। मामले की जांच शुरू हो गई है। मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि दोष साबित होता है तो डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।