फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Former Governor Satya Pal Malik says With 6 MLAs Sajad Lone wanted to be Jammu and Kashmir CM

दावा: केवल 6 विधायकों के साथ जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनना चाहते थे ये नेता, पूर्व राज्यपाल का बड़ा खुलासा

Sat, 17 Sep 2022 09:33 AM IST
शाहरुख खान एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 17 Sep 2022 09:33 AM IST
सार

जम्मू और कश्मीर विधानसभा के विघटन से पहले के राजनीतिक चालबाजियों पर चर्चा करते हुए मलिक ने कहा कि वही लोन अब केंद्र सरकार की आंखों का तारा बना हुआ है। उन्होंने लोन से समर्थन के संबंध में लिखकर देने को कहा था। इसके जवाब में लोन ने कहा कि उसके पास 6 विधायक हैं लेकिन अगर आप शपथ दिला देंगे तो एक सप्ताह में अपना बहुमत सदन में साबित कर देंगे। 

विज्ञापन
Former Governor Satya Pal Malik says With 6 MLAs Sajad Lone wanted to be Jammu and Kashmir CM
सत्य पाल मलिक - फोटो : PTI

विस्तार

पीपुल्स कान्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन 2018 में विधानसभा भंग होने से ठीक पहले जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, हालांकि उनके पास केवल छह विधायक थे। ये खुलासा एक साक्षात्कार में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन और अब मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किया। वे राज्य के अंतिम राज्यपाल थे। मलिक उन परिस्थितियों पर बात कर रहे थे जिसके आधार पर उन्होंने नवंबर 2018 में विधानसभा भंग कर दी थी।
विज्ञापन


जम्मू और कश्मीर विधानसभा के विघटन से पहले के राजनीतिक चालबाजियों पर चर्चा करते हुए मलिक ने कहा कि वही लोन अब केंद्र सरकार की आंखों का तारा बना हुआ है। उन्होंने लोन से समर्थन के संबंध में लिखकर देने को कहा था। इसके जवाब में लोन ने कहा कि उसके पास 6 विधायक हैं लेकिन अगर आप शपथ दिला देंगे तो एक सप्ताह में अपना बहुमत सदन में साबित कर देंगे। 
विज्ञापन


इससे पहले जून 2018 में महबूबा के नेतृत्व वाली पीडीपी-भाजपा सरकार भाजपा के गठबंधन से बाहर होने से गिर गई थी। मलिक ने बताया, उन्होंने लोन से कहा था, राज्यपाल की भूमिका के रूप में मैं ये नहीं करूंगा। सुप्रीम कोर्ट मुझे कोड़े मारेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अगले दिन सर्वोच्च न्यायालय आपको सदन में हाजिर होने को कहेगा और आप हार जाएंगे। मलिक को पीडीपी-एनसी-कांग्रेस गठबंधन के पास बहुमत होने का अनुमान था। लेकिन उन्होंने मूर्खतापूर्ण रुख अख्तियार करते हुए न कोई औपचारिक बैठक की और न ही समर्थन के संबंध में कोई पत्र सौंपा।
 
Trending Videos

नहीं मिला केंद्र से कोई सुझाव

उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से बात की और केंद्र से दिशा-निर्देश मांगे थे। उन्होंने जेटली से कहा था कि अगर उन्हें महबूबा मुफ्ती से सरकार बनाने का दावा करने वाला पत्र मिलता है, तो मैं उन्हें शपथ के लिए बुलाने के लिए बाध्य हूं।

लेकिन इस संबंध में केंद्र ने मुझे कोई सुझाव नहीं दिया। इसके बाद नवंबर 2018 में उन्होंने विधानसभा भंग कर दी। महबूबा मुफ्ती कांग्रेस और एनसी समेत 56 विधायकों के समर्थन पत्र मुझे सौंपना चाहती थीं लेकिन राज भवन की फैक्स मशीन खराब होने के चलते वे ऐसा नहीं कर सकीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed