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उत्कर्ष की दर्दनाक हत्या से जुड़े पांच फैक्ट

Thu, 20 Nov 2014 04:58 PM IST
Updated Thu, 20 Nov 2014 04:58 PM IST
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Five facts about Utkarsh kidnap and murder case

अपहरण के कुछ ही देर बाद बदमाशों ने मासूम उत्कर्ष को मौत के घाट उतार दिया था। बुधवार को सब्जी मंडी मोर्चरी में उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया।

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सूत्रों के मुताबिक डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने के बाद आशंका जाहिर की है कि लाश मिलने से करीब 15 घंटे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई थी।

पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि चूंकि उत्कर्ष अपहर्ता को अच्छी तरह जानता होगा। इसलिए पकड़े जाने के डर से अपहरण करने के कुछ ही देर बाद हत्या कर दी गई।
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बाद में बदमाशों को जब भनक लगी की पुलिस उनकी तलाश में जुटी है तो उन लोगों ने रात में किसी समय उसके शव को गीता कॉलोनी में फेंक दिया।

FACT 2: नहीं हुआ यौनाचार

Five facts about Utkarsh kidnap and murder case

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों कहना है कि गला घोंटकर उत्कर्ष को मौत के घाट उतार दिया गया। उसके शरीर के अन्य हिस्सों से चोट के निशान नहीं मिले हैं।

डॉक्टरों ने मासूम के साथ किसी भी तरह के यौनाचार की कोई आशंका नहीं जताई है। इधर, मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सारे हालात को देखकर लगता है कि बदमाशों ने मासूम को गांधी नगर के आसपास ही कहीं छिपाकर रखा था।

बदमाश परिवार की पूरी गतिविधियों पर भी नजर रखे हुए था। लेकिन पुलिस को जानकारी देने का पता चलते ही उन्होंने मासूम के शव को फेंक दिया।

दूसरी ओर जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला है कि जिन नंबरों से उत्कर्ष की मां और पिता को फिरौती की कॉल की गई उसकी लोकेशन गांधी नगर की ही थी। मोबाइल नंबरों से दोनों कॉल की गई। पुलिस उसके आधार पर मामले की छानबीन कर रही है।

FACT 3: दिनदहाड़े चलती गली से अपहरण आसान नहीं

Five facts about Utkarsh kidnap and murder case

चहल-पहल वाली गली से दिनदहाड़े 13 साल के बच्चे को अगवा करना आसान काम नहीं है। पुलिस आशंका जता रही है कि वारदात में परिवार के किसी खास जानकार का हाथ है।

वारदात के समय वह खुद मौजूद रहा हो। अगर कोई अनजान शख्स मासूम को अगवा करने का प्रयास करता तो वह शोर मचा देता लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मासूम आसानी से बदमाशों के साथ चला गया। ऐसे में पुलिस परिवार के ही किसी जानकार का हाथ होने की बात कर छानबीन कर रही है।

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FACT 4: स्कूल में लगे सीसीटीवी में आई मासूम की झलक

Five facts about Utkarsh kidnap and murder case

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सत्संग मार्ग पर चांद मोहल्ले में रहने वाले वैन चालक ने मासूम को उतारा। उत्कर्ष वहां से घर की ओर बढ़ने लगा। इस बीच वह गली के ही जेडीएम पब्लिक स्कूल के सामने से गुजरा।

वहां वह स्कूल के भीतर लगे कैमरे में भी कैद हुआ। लेकिन चंद कदमों की दूरी के बाद वह घर तक नहीं पहुंच पाया। गली के सामने ही उत्कर्ष का मकान भी है। वहां उसकी मां बालकनी से देखती भी रहती है। पुलिस आशंका जता रही है कि रास्ते में ही कोई उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

पुलिस के मुताबिक परिवार व रिश्तेदारों के अलावा मुकेश के यहां काम करने वाले तीनों कारीगरों व वैन चालक से पूछताछ की जा रही है। परिवार की कॉल डिटेल भी निकाली गई हैं। फिलहाल पुलिस के हाथ अभी कुछ नहीं लग पाया है। पुलिस हत्यारों की तलाश में जुटी है।

FACT 5: बढ़े हैं फिरौती के लिए अपहरण के मामले

Five facts about Utkarsh kidnap and murder case

फिरौती के लिए अपहरण करने के मामले 2013 की तुलना में इस साल बढ़े हैं। पिछले साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 2013 में अपहरण कर फिरौती मांगने के कुल 20 ही मामले सामने आए थे। 2014 में इस बार 18 नवंबर तक यह आंकड़ा 32 के पार हो चुका है। हालांकि पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि 2014 के 71 फीसदी मामलों को सुलझा लिया गया है।

अमेरिका से आई थी बहन
उत्कर्ष के ताऊ राम दर्शन वर्मा ने बताया कि वर्ष 1988 में उत्कर्ष के पिता जसवंत नगर, इटावा से दिल्ली आए थे। यहां उन्होंने रघुबरपुरा में रहना शुरू किया। राजगढ़ में जमीन खरीदकर अपना मकान बनाया। बड़े बेटे ऋषभ ने ग्रेटर नोएडा के आईटीएस कॉलेज से बीटेक किया था। बाद में वह पिता के साथ ज्वेलरी का काम करने लगा। उत्कर्ष के पिता मुकेश ने अपनी बेटी कनिका की शादी कर दी। जो अमेरिका में सेटल हो गई। संयोग से सोमवार को वह भारत आई थी।

औरैया में उसकी नंद की शादी थी। इधर, दूसरी ओर 24 जनवरी को ऋषभ की शादी तय थी। घर में शादी की तैयारियां भी चल रही थीं। लेकिन सब खाक में मिल गया। राम दर्शन ने रोते हुए बताया कि उसका भाई व भाभी उत्कर्ष को बेहद प्रेम करते थे। काफी छोटा होने की वजह से ऋषभ भी अपने भाई पर जान छिड़कता था। दिन भर उत्कर्ष के घर पर रिश्तेदारों का तांता लगा रहा।

पड़ोसियों के भी छलक आए आंसू

Five facts about Utkarsh kidnap and murder case

उत्कर्ष की मौत से उसका परिवार गहरे सदमे में है। अपने लाल की मौत की खबर के बाद से ही उत्कर्ष की मां सदमे में पत्थर हो गई हैं। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है कि उत्कर्ष अब इस दुनिया में नहीं है।

बुधवार को जैसे ही उसके मौत की खबर इलाके को हुई घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। अपने परिवार के साथ पड़ोसियों को भी उत्कर्ष बेहद प्यारा था।

पड़ोसियों का कहना है कि जहां मासूम मिलता था सभी के पैर छूकर नमस्कार करता था। अचानक उसकी मौत से पूरा गांधी नगर गहरे सदमे में है।

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