किसान नेताओं ने सरकार को लिखा पत्र- कल की बैठक के लिए हैं तैयार, पुरानी मांगें भी दोहराईं
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली के कई बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है। तमाम परेशानियों के बाद भी किसान अपनी मांगें मनवाए बिना आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। एक ओर जहां सरकार ने किसान नेताओं के साथ होने वाली बैठक की तारीख 30 दिसंबर तय की है, वहीं दूसरी ओर समाजसेवी अन्ना हजारे ने सरकार को पत्र लिख कहा है कि अगर किसानों की बात नहीं मानी गई तो वह जनवरी से आंदोलन छेड़ेंगे। इसके साथ ही बीते कई दिनों की तरह आज भी दिल्ली की कई सीमाएं और रास्ते बंद हैं। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
लाइव अपडेट
Farmers' organisations write to the Secretary of Ministry of Agriculture saying,"We accept invitation for talks at 2:00 pm on 30th Dec."; reiterate their proposed agenda for talks incl modalities to repeal farm laws, & mechanism to bring law for providing legal guarantee on MSP.
— ANI (@ANI) December 29, 2020
गाजीपुर बॉर्डर पर कलाकारों ने प्रस्तुत किया उत्तराखंड का लोक नृत्य
गाजीपुर बॉर्डर पर उत्तराखंड का लोक नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार। यहां बड़ी संख्या में उत्तराखंड के किसान भी प्रदर्शन कर रहे हैं।
गाजीपुर बॉर्डरः किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च
गाजीपुर बॉर्डर पर आज किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च और सरकार को अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। इसके बाद किसानों ने बैरिकेड पर खड़े होकर भी प्रदर्शन किया।
शरद पवार बोले- नहीं निकला बैठक में हल तो विपक्षी पार्टियां देखेंगी क्या करना है
किसान आंदोलन को लेकर शरद पवार ने कहा है कि, अगर सरकार ने 30 दिसंबर की बैठक में किसानों की बात नहीं मानी तो विपक्षी पार्टियां बैठकर यह सुनिश्चित करेंगी कि आगे क्या करना है।चिल्ला बॉर्डर पर कृषि कानून का पुतला जलाया
चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने कृषि कानूनों के दस्तावेज के साथ ही उसका पुतला जलाया।कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर निकाली बरात
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने निकाली बरात और किया कृषि कानूनों का विरोध। इसके साथ ही यहां एक परिवार अमेरिका से आया है। इस परिवार के मुखिया सरबजीत हैं।दिल्ली सरकार सिंघु बॉर्डर पर लगाएगी वाई-फाई
दिल्ली सरकार ने एलान किया है कि वह सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसानों को वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराएगी। सरकार 100 मीटर के दायरे में हॉटस्पॉट लगाएगी।पटनाः पुलिस ने सीपीआई-एमएल पर किया लाठीचार्ज
कृषि कानूनों के खिलाफ पटना में प्रदर्शन कर रहे सीपीआई-एमएल के कार्यकर्ताओं पर मंगलवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया।किसानों की मांगों को कानून के जरिए पूरा करे सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने सरकार की ओर से किसान संगठनों को नए दौर की बातचीत के लिए बुलाने की पृष्ठभूमि में मंगलवार को कहा कि सरकार को मौखिक आश्वासन देने के बजाय संसद के जरिए कानून बनाकर किसानों की मांगों को पूरा करना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने यह आरोप भी लगाया कि तीनों कृषि कानून लाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को खत्म करने की साजिश है।युवा पर बेरोज़गारी की मार,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 29, 2020
जनता पर महंगाई का अत्याचार,
किसान पर ‘मित्रों’ वाले क़ानूनों का वार,
यही है मोदी सरकार। pic.twitter.com/WbmI30Ru0B