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Faridabad News: यूपी सरकार की मंजूरी के इंतजार में फरीदाबाद की दो बड़ी परियोजनाएं
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आगरा नहर के किनारे आईएमटी से पलवल के भिड़ूकी तक बननी है दो लेन की सड़क
हापुड़ से पाइप लाइन के जरिये फरीदाबाद आएगा 500 एमएलडी गंगाजल
हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल की यूपी के जलशक्ति मंत्री और मुख्य सचिव के साथ होगी बैठक
केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। आगरा नहर के किनारे वाली दो लेन सड़क और पेयजल संकट से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी के इंतजार में हैं। पलवल तक आगरा नहर के किनारे सड़क निर्माण और गंगाजल परियोजना को लेकर हरियाणा सरकार ने अपना मसौदा तैयार कर लिया है। अब दोनों योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री और यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। बैठक के लिए अभी समय तय नहीं होने के कारण परियोजनाओं की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
आगरा नहर के किनारे फरीदाबाद की आईएमटी से पलवल के भिड़ूकी गांव तक करीब 76 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क बनाने की योजना है। इसके लिए करीब 85 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट रखा गया है। फरीदाबाद में आईएमटी से लेकर प्रहलादपुर गांव के पुल के नजदीक तक यहां आगरा नहर किनारे एक लेन की सड़क बनी हुई है। इससे आगे यह कच्चा रास्ता है। इस परियोजना को 31 अगस्त को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, आगरा नहर और इसके साथ लगती जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधीन है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए यूपी सिंचाई विभाग की सहमति जरूरी है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रणवीर सिंह गंगवा और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम यूपी के जलशक्ति मंत्री से मुलाकात कर परियोजना पर चर्चा करेंगे। सहमति मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, अभी तक मंत्रियों की बैठक नहीं हो पाई है।
मसौदा तैयार होने के चार माह बाद भी बैठक नहीं हो सकी
गंगाजल परियोजना के तहत हापुड़ जिले के डेहरा गांव के पास से गुजर रही अपर गंगा नहर से पानी लाने की योजना है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। मसौदा तैयार होने के करीब चार माह बाद भी बैठक नहीं हो सकी है। यूपी के हापुड़ से यमुना नदी को पार करते हुए पाइप लाइन फरीदाबाद के अमीपुर गांव तक बिछाई जाएगी। अमीपुर में पानी को शोधित करने के लिए प्लांट लगाया जाएगा। इसके बाद शोधित पानी को शहर की पेयजल व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। परियोजना को इस वर्ष मई में सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की यूपी के जलशक्ति मंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद योजना को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इससे पहले यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। परियोजना के तहत करीब 3500 एमएम व्यास की बड़ी पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। इसके माध्यम से प्रतिदिन करीब 500 एमएलडी गंगाजल फरीदाबाद लाने की योजना है। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से आगामी करीब 25 वर्ष तक शहर के लोगों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति हो सकेगी।
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मांग और आपूर्ति में है अंतर
शहर में पेयजल की मांग करीब 450 एमएलडी है जबकि आपूर्ति लगभग 330 एमएलडी हो रही है। फिलहाल यमुना किनारे 22 रेनीवेल लगाकर शहर में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। वहीं 12 नए रेनीवेल लगाने का काम भी शुरू किया गया है। इसके बावजूद शहर में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। गंगाजल परियोजना पूरी होने से मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
गंगाजल परियोजना के लिए यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। इसका दूसरा डीओ लैटर तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द भेज दिया जाएगा। इसके बाद जलशक्ति मंत्री के साथ बैठक होगी।
- गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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हापुड़ से पाइप लाइन के जरिये फरीदाबाद आएगा 500 एमएलडी गंगाजल
हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल की यूपी के जलशक्ति मंत्री और मुख्य सचिव के साथ होगी बैठक
केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। आगरा नहर के किनारे वाली दो लेन सड़क और पेयजल संकट से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी के इंतजार में हैं। पलवल तक आगरा नहर के किनारे सड़क निर्माण और गंगाजल परियोजना को लेकर हरियाणा सरकार ने अपना मसौदा तैयार कर लिया है। अब दोनों योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री और यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। बैठक के लिए अभी समय तय नहीं होने के कारण परियोजनाओं की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
आगरा नहर के किनारे फरीदाबाद की आईएमटी से पलवल के भिड़ूकी गांव तक करीब 76 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क बनाने की योजना है। इसके लिए करीब 85 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट रखा गया है। फरीदाबाद में आईएमटी से लेकर प्रहलादपुर गांव के पुल के नजदीक तक यहां आगरा नहर किनारे एक लेन की सड़क बनी हुई है। इससे आगे यह कच्चा रास्ता है। इस परियोजना को 31 अगस्त को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, आगरा नहर और इसके साथ लगती जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधीन है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए यूपी सिंचाई विभाग की सहमति जरूरी है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रणवीर सिंह गंगवा और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम यूपी के जलशक्ति मंत्री से मुलाकात कर परियोजना पर चर्चा करेंगे। सहमति मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, अभी तक मंत्रियों की बैठक नहीं हो पाई है।
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मसौदा तैयार होने के चार माह बाद भी बैठक नहीं हो सकी
गंगाजल परियोजना के तहत हापुड़ जिले के डेहरा गांव के पास से गुजर रही अपर गंगा नहर से पानी लाने की योजना है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। मसौदा तैयार होने के करीब चार माह बाद भी बैठक नहीं हो सकी है। यूपी के हापुड़ से यमुना नदी को पार करते हुए पाइप लाइन फरीदाबाद के अमीपुर गांव तक बिछाई जाएगी। अमीपुर में पानी को शोधित करने के लिए प्लांट लगाया जाएगा। इसके बाद शोधित पानी को शहर की पेयजल व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। परियोजना को इस वर्ष मई में सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की यूपी के जलशक्ति मंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद योजना को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इससे पहले यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। परियोजना के तहत करीब 3500 एमएम व्यास की बड़ी पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। इसके माध्यम से प्रतिदिन करीब 500 एमएलडी गंगाजल फरीदाबाद लाने की योजना है। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से आगामी करीब 25 वर्ष तक शहर के लोगों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति हो सकेगी।
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मांग और आपूर्ति में है अंतर
शहर में पेयजल की मांग करीब 450 एमएलडी है जबकि आपूर्ति लगभग 330 एमएलडी हो रही है। फिलहाल यमुना किनारे 22 रेनीवेल लगाकर शहर में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। वहीं 12 नए रेनीवेल लगाने का काम भी शुरू किया गया है। इसके बावजूद शहर में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। गंगाजल परियोजना पूरी होने से मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
गंगाजल परियोजना के लिए यूपी के मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। इसका दूसरा डीओ लैटर तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द भेज दिया जाएगा। इसके बाद जलशक्ति मंत्री के साथ बैठक होगी।
- गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग