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Faridabad News: हर घर से उठान चालू न होने से सड़कों पर फेंका जा रहा कूड़ा
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कूड़े के ढेर पर शहर-2
जून 2024 से हर घर से कूड़ा उठाने के लिए नियमित कंपनी नहीं कर रही काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटने के कारण सड़कों और खाली स्थानों पर कूड़े के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। कई इलाकों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंचने से लोग मजबूरी में अपना कूड़ा सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर फेंक रहे हैं।
इससे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। नगर निगम प्रशासन के लिए इन ढेरों को हटाना भी चुनौती बन गया है। शहर में जून 2024 से हर घर से कूड़ा उठाने के लिए कोई नियमित कंपनी काम नहीं कर रही है। इससे पहले इकोग्रीन कंपनी को घर-घर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन काम में लापरवाही के चलते नगर निगम ने उसका ठेका रद्द कर दिया था। इसके बाद लंबे समय तक व्यवस्था पुराने वेंडरों के भरोसे चलती रही। बीते माह दो कंपनियों को हर घर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन अभी तक विभागीय प्रक्रिया की वजह से दोनों कंपनियों ने अपना काम शुरू नहीं किया है। वर्तमान में कुछ पुराने वेंडर ही सीमित क्षेत्रों में घरों से कूड़ा उठा रहे हैं। ऐसे में सभी घरों तक कूड़ा उठाने की गाड़ी नहीं पहुंच पा रही है। जिन क्षेत्रों में नियमित कूड़ा उठान नहीं हो रहा, वहां लोग सड़क किनारे कूड़ा डाल रहे हैं। इससे पहले से मौजूद कूड़े के ढेर और बढ़ रहे हैं। बारिश और धूप के कारण इनसे दुर्गंध भी फैल रही है।
कूड़ा निस्तारण प्लांटों का दौरा करने दिल्ली जाएंगी मेयर
कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित करने को लेकर निगम का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के ओखला और सोनीपत स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का दौरा करेगा। इन प्लांटों में कूड़े से बिजली तैयार की जाती है। यहां आधुनिक तरीके से कूड़े का निस्तारण होता है और खुले में कूड़े के पहाड़ खड़े होने की समस्या भी नहीं होती है। इसी तरह का एक प्लांट शहर में भी लगाने की योजना है, लेकिन जमीन न मिलने के कारण समस्य बनी हुई है। बता दें कि सात अक्तूबर के अंक में ''तीन मंत्री, फिर भी कम नहीं हो रही कूड़े की समस्या'' शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद मेयर ने ओखला और सोनीपत के प्लांटों का दौरा करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इन प्लांटों की कार्यप्रणाली देखने के बाद फरीदाबाद में प्रस्तावित प्लांट को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। शहर में भी प्रतिदिन 1600 टन कूड़ा निस्तारण क्षमता वाला वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट प्रस्तावित है। इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के साथ समझौता हो चुका है।
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कोट्स
गाड़ी के न आने से कूड़ा फेंकने की समस्या बनी हुई है। इस वजह से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम प्रशासन को इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए। -प्रीति शर्मा, सेक्टर-9
हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था चरमराई हुई है। कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी नहीं आती है। इस वजह से लोग अपने कूड़े को सड़क किनारे फेंकने को मजबूर होते हैं। -शेर सिंह, सेक्टर-15
कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए समझौता हो चुका है। अगले सप्ताह पार्षदों को लेकर दिल्ली और सोनीपत जाएंगे। वहां कूड़ा निस्तारण प्लांटों की कार्यप्रणाली देखी जाएगी। इसके बाद यहां भी इस तरह के प्लांट स्थापित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। -प्रवीण बत्रा जोशी, मेयर
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जून 2024 से हर घर से कूड़ा उठाने के लिए नियमित कंपनी नहीं कर रही काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटने के कारण सड़कों और खाली स्थानों पर कूड़े के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। कई इलाकों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंचने से लोग मजबूरी में अपना कूड़ा सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर फेंक रहे हैं।
इससे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। नगर निगम प्रशासन के लिए इन ढेरों को हटाना भी चुनौती बन गया है। शहर में जून 2024 से हर घर से कूड़ा उठाने के लिए कोई नियमित कंपनी काम नहीं कर रही है। इससे पहले इकोग्रीन कंपनी को घर-घर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन काम में लापरवाही के चलते नगर निगम ने उसका ठेका रद्द कर दिया था। इसके बाद लंबे समय तक व्यवस्था पुराने वेंडरों के भरोसे चलती रही। बीते माह दो कंपनियों को हर घर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन अभी तक विभागीय प्रक्रिया की वजह से दोनों कंपनियों ने अपना काम शुरू नहीं किया है। वर्तमान में कुछ पुराने वेंडर ही सीमित क्षेत्रों में घरों से कूड़ा उठा रहे हैं। ऐसे में सभी घरों तक कूड़ा उठाने की गाड़ी नहीं पहुंच पा रही है। जिन क्षेत्रों में नियमित कूड़ा उठान नहीं हो रहा, वहां लोग सड़क किनारे कूड़ा डाल रहे हैं। इससे पहले से मौजूद कूड़े के ढेर और बढ़ रहे हैं। बारिश और धूप के कारण इनसे दुर्गंध भी फैल रही है।
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कूड़ा निस्तारण प्लांटों का दौरा करने दिल्ली जाएंगी मेयर
कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित करने को लेकर निगम का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के ओखला और सोनीपत स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का दौरा करेगा। इन प्लांटों में कूड़े से बिजली तैयार की जाती है। यहां आधुनिक तरीके से कूड़े का निस्तारण होता है और खुले में कूड़े के पहाड़ खड़े होने की समस्या भी नहीं होती है। इसी तरह का एक प्लांट शहर में भी लगाने की योजना है, लेकिन जमीन न मिलने के कारण समस्य बनी हुई है। बता दें कि सात अक्तूबर के अंक में ''तीन मंत्री, फिर भी कम नहीं हो रही कूड़े की समस्या'' शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद मेयर ने ओखला और सोनीपत के प्लांटों का दौरा करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इन प्लांटों की कार्यप्रणाली देखने के बाद फरीदाबाद में प्रस्तावित प्लांट को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। शहर में भी प्रतिदिन 1600 टन कूड़ा निस्तारण क्षमता वाला वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट प्रस्तावित है। इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के साथ समझौता हो चुका है।
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गाड़ी के न आने से कूड़ा फेंकने की समस्या बनी हुई है। इस वजह से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम प्रशासन को इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए। -प्रीति शर्मा, सेक्टर-9
हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था चरमराई हुई है। कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी नहीं आती है। इस वजह से लोग अपने कूड़े को सड़क किनारे फेंकने को मजबूर होते हैं। -शेर सिंह, सेक्टर-15
कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए समझौता हो चुका है। अगले सप्ताह पार्षदों को लेकर दिल्ली और सोनीपत जाएंगे। वहां कूड़ा निस्तारण प्लांटों की कार्यप्रणाली देखी जाएगी। इसके बाद यहां भी इस तरह के प्लांट स्थापित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। -प्रवीण बत्रा जोशी, मेयर