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Faridabad News: स्मार्ट सिटी की हवा पहुंची खराब श्रेणी में, पाबंदियां बढ़ी
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- एक्यूआई 205 होते ही ग्रैप का पहला चरण लागू फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की ओर से शुक्रवार शाम छह बजे जारी रिपोर्ट में फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 205 यानि खराब श्रेणी में पहुंच गया है। इसे देखते हुए ग्रैप के पहले चरण के नियम को लागू कर दिया है। इसके तहत कुछ सख्तियां बढ़ाई गई हैं।
दिल्ली एनसीआर में एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू है, लेकिन जिला स्तर पर इसे लेकर उचित प्रबंधन नहीं किए गए हैं। शहर की टूटी सड़कों, निर्माण सामग्री और वाहनों के जाम से शहर की हवा दूषित होने लगी है। एक्सप्रेसवे समेत अन्य जगहों पर निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इससे भी शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दूसरी ओर वायु गुणवत्ता प्रबंधन ने ग्रैप की पाबंदियों को चार चरणों में बांटा हुआ है। 201 से ऊपर पहुंचने पर पहले चरण की पाबंदियां शुरू होनी थी। शुक्रवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 205 पहुंच गया है, जिसके चलते आयोग ने पहले चरण की पाबंदियों को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत कई तरह की पाबंदियां वह नियमों का पालन स्थानीय अधिकारियों को करना होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने बताया कि ग्रैप के पहले चरण की पाबंदियां लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी विभागों को जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
यह होंगी पाबंदियां
इसमें निर्माण व तोड़फोड़ और खुले में वेस्ट डालने पर पाबंदी रहेगी। सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव करना होगा और मशीन से सड़कों पर सफाई करानी होगी। निर्माण सामग्री को ढककर रखना होगा। निर्माण व तोड़फोड़ साइटों पर एंटी स्मॉग गन लगानी होंगी। कूड़ा जलाने पर पाबंदी रहेगी। पुराने पेट्रोल व डीजल वाहनों के नियम को सख्ती से लागू करना होगा। ईंट भट्टों व हॉट मिक्स प्लांट को प्रदूषण संबंधित सभी नियमों का पालन करना होगा।
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सबसे खराब हवा सेक्टर 11 की
स्थानीय स्तर पर लगी पांच मशीनों से एक्यूआई के स्तर पर नजर रखी जाती है। इसमें एनआईटी की मशीन खराब है। सेक्टर-11 का एक्यूआई पौने सात बजे 291 दर्ज किया गया। सेक्टर-30 का एक्यूआई 141 और सेक्टर-16ए का 174 दर्ज किया गया। वहीं बल्लभगढ़ का 62 दर्ज किया गया है।
वायु गुणवत्ता सूचकांग (एक्यूआई)
स्तर-परिणाम
0-50- अच्छा
50-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की ओर से शुक्रवार शाम छह बजे जारी रिपोर्ट में फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 205 यानि खराब श्रेणी में पहुंच गया है। इसे देखते हुए ग्रैप के पहले चरण के नियम को लागू कर दिया है। इसके तहत कुछ सख्तियां बढ़ाई गई हैं।
दिल्ली एनसीआर में एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू है, लेकिन जिला स्तर पर इसे लेकर उचित प्रबंधन नहीं किए गए हैं। शहर की टूटी सड़कों, निर्माण सामग्री और वाहनों के जाम से शहर की हवा दूषित होने लगी है। एक्सप्रेसवे समेत अन्य जगहों पर निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इससे भी शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दूसरी ओर वायु गुणवत्ता प्रबंधन ने ग्रैप की पाबंदियों को चार चरणों में बांटा हुआ है। 201 से ऊपर पहुंचने पर पहले चरण की पाबंदियां शुरू होनी थी। शुक्रवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 205 पहुंच गया है, जिसके चलते आयोग ने पहले चरण की पाबंदियों को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत कई तरह की पाबंदियां वह नियमों का पालन स्थानीय अधिकारियों को करना होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने बताया कि ग्रैप के पहले चरण की पाबंदियां लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी विभागों को जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
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यह होंगी पाबंदियां
इसमें निर्माण व तोड़फोड़ और खुले में वेस्ट डालने पर पाबंदी रहेगी। सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव करना होगा और मशीन से सड़कों पर सफाई करानी होगी। निर्माण सामग्री को ढककर रखना होगा। निर्माण व तोड़फोड़ साइटों पर एंटी स्मॉग गन लगानी होंगी। कूड़ा जलाने पर पाबंदी रहेगी। पुराने पेट्रोल व डीजल वाहनों के नियम को सख्ती से लागू करना होगा। ईंट भट्टों व हॉट मिक्स प्लांट को प्रदूषण संबंधित सभी नियमों का पालन करना होगा।
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सबसे खराब हवा सेक्टर 11 की
स्थानीय स्तर पर लगी पांच मशीनों से एक्यूआई के स्तर पर नजर रखी जाती है। इसमें एनआईटी की मशीन खराब है। सेक्टर-11 का एक्यूआई पौने सात बजे 291 दर्ज किया गया। सेक्टर-30 का एक्यूआई 141 और सेक्टर-16ए का 174 दर्ज किया गया। वहीं बल्लभगढ़ का 62 दर्ज किया गया है।
वायु गुणवत्ता सूचकांग (एक्यूआई)
स्तर-परिणाम
0-50- अच्छा
50-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर