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Faridabad News: ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने पर रोक
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जिलाधीश ने जारी किया दिशा निर्देश, वायु व ध्वनि प्रदूषण की होती है समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिलाधीश विक्रम सिंह ने ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने और उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। जिले की सीमा के भीतर आतिशबाजी में प्रयुक्त बेरियम पदार्थ पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि इससे भारी वायु/ध्वनि प्रदूषण और ठोस अपशिष्ट की समस्या होती है। ऑनलाइन कंपनियां भी ऐसे पटाखों का आर्डर स्वीकार नहीं करेंगी।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझाव पर सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जिला मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 144 के आधार पर शक्तियों का प्रयोग करते हुए ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने और उपयोग पर रोक लगाई हैं। जिलाधीश ने बताया कि एक नवंबर से 31 जनवरी 2024 तक जिले में पटाखों के अलावा आतिशबाजी में प्रयुक्त होने वाले बेरियम पदार्थ पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि दिवाली के दिन या गुरुपर्व आदि जैसे किसी अन्य त्योहार पर जब ऐसी आतिशबाजी होती है, तो यह रात 8 बजे से 10 बजे तक होगी। क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर आधी रात यानी 12 बजे रात से आतिशबाजी शुरू हो जाती है। इसके अलावा फ्लिपकार्ट, अमेजन आदि सहित कोई भी ई-कॉमर्स वेबसाइट किसी भी ऑनलाइन ऑर्डर को स्वीकार नहीं करेंगी। जिलाधीश ने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 2021 एवं एनजीटी के आर्डर का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
इन अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश
जिलाधीश ने क्षेत्रीय अधिकारी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया हैं कि वे नियमित रूप से हवा की गुणवत्ता की निगरानी करें। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुसार संबंधित डेटा अपलोड करें। सभी विभागों, बोर्डों, निगमों व व्यक्तियों को इसके लिए पूर्ण सहयोग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। वहीं पुलिस आयुक्त विभाग, आयुक्त नगर निगम, सभी उपमंडल मजिस्ट्रेट, सभी तहसीलदार/नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, डीसीपी एसएचओ समेत अन्य इस आदेश को तुरंत लागू करेंगे। जिलाधीश ने कहा कि इन आदेश का अनुपालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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क्यों जरूरी है प्रतिबंध लगाना
जिलाधीश ने कहा कि सर्दियों के दौरान, विशेष रूप से अक्तूबर से जनवरी तक प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, जो गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है। यह भी देखा गया हैं कि सर्दियों के महीनों के दौरान होने वाली विभिन्न घटनाओं से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। विशेष रूप से जैसे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही श्वसन संबंधी बीमारियों वाले लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है। वहीं हृदय रोग आदि भी शामिल हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिलाधीश विक्रम सिंह ने ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने और उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। जिले की सीमा के भीतर आतिशबाजी में प्रयुक्त बेरियम पदार्थ पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि इससे भारी वायु/ध्वनि प्रदूषण और ठोस अपशिष्ट की समस्या होती है। ऑनलाइन कंपनियां भी ऐसे पटाखों का आर्डर स्वीकार नहीं करेंगी।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझाव पर सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जिला मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 144 के आधार पर शक्तियों का प्रयोग करते हुए ग्रीन पटाखों को छोड़कर सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने और उपयोग पर रोक लगाई हैं। जिलाधीश ने बताया कि एक नवंबर से 31 जनवरी 2024 तक जिले में पटाखों के अलावा आतिशबाजी में प्रयुक्त होने वाले बेरियम पदार्थ पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि दिवाली के दिन या गुरुपर्व आदि जैसे किसी अन्य त्योहार पर जब ऐसी आतिशबाजी होती है, तो यह रात 8 बजे से 10 बजे तक होगी। क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर आधी रात यानी 12 बजे रात से आतिशबाजी शुरू हो जाती है। इसके अलावा फ्लिपकार्ट, अमेजन आदि सहित कोई भी ई-कॉमर्स वेबसाइट किसी भी ऑनलाइन ऑर्डर को स्वीकार नहीं करेंगी। जिलाधीश ने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 2021 एवं एनजीटी के आर्डर का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
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इन अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश
जिलाधीश ने क्षेत्रीय अधिकारी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया हैं कि वे नियमित रूप से हवा की गुणवत्ता की निगरानी करें। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुसार संबंधित डेटा अपलोड करें। सभी विभागों, बोर्डों, निगमों व व्यक्तियों को इसके लिए पूर्ण सहयोग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। वहीं पुलिस आयुक्त विभाग, आयुक्त नगर निगम, सभी उपमंडल मजिस्ट्रेट, सभी तहसीलदार/नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, डीसीपी एसएचओ समेत अन्य इस आदेश को तुरंत लागू करेंगे। जिलाधीश ने कहा कि इन आदेश का अनुपालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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क्यों जरूरी है प्रतिबंध लगाना
जिलाधीश ने कहा कि सर्दियों के दौरान, विशेष रूप से अक्तूबर से जनवरी तक प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, जो गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है। यह भी देखा गया हैं कि सर्दियों के महीनों के दौरान होने वाली विभिन्न घटनाओं से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। विशेष रूप से जैसे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही श्वसन संबंधी बीमारियों वाले लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है। वहीं हृदय रोग आदि भी शामिल हैं।