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Delhi NCR News: ट्रक चालक की मौत पर परिवार को मिलेगा 25.25 लाख मुआवजा
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-ट्रिब्यूनल ने यूपीएसआरटीसी को 30 दिन में राशि जमा करने का दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा स्थित दिल्ली मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने सड़क दुर्घटना में मारे गए ट्रक चालक उस्मान के परिवार को 25.25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) को यह राशि चुकाने के साथ याचिका दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का निर्देश दिया है।
यह हादसा 28 अप्रैल 2022 को उत्तम शुगर मिल के पास हुआ था। उस्मान सड़क किनारे ट्रक खड़ा कर उसका पंचर ठीक कर रहा था। इसी दौरान सुमित बालियान द्वारा चलाई जा रही बस ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल उस्मान को पहले रुड़की के अस्पताल ले जाया गया और फिर मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले की सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी विक्रम ने बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना। प्रत्यक्षदर्शी संदीप ने बताया कि उसने बस को उस्मान को टक्कर मारते देखा था। संदीप घटनास्थल के पास पंचर की दुकान चलाता है। ट्रिब्यूनल ने बस चालक के उस हलफनामे पर भी गौर किया, जिसमें उसने स्वीकार किया था कि उस्मान सड़क किनारे ट्रक का पंचर ठीक कर रहा था।
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30 दिन में राशि जमा करने का आदेश :
मुआवजा तय करते समय ट्रिब्यूनल ने उत्तर प्रदेश में कुशल श्रमिकों के न्यूनतम वेतन के आधार पर उस्मान की मासिक आय 11,743 रुपये मानी। विभिन्न मदों को जोड़कर कुल 25.25 लाख रुपये निर्धारित किए गए। रिकॉर्ड के अनुसार, हादसे के दिन बस की बीमा पॉलिसी नहीं थी। इसलिए मुआवजे की जिम्मेदारी निगम पर डाली गई है।
ट्रिब्यूनल ने निगम को 30 दिनों के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर देरी की अवधि के लिए 10 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज देना होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा स्थित दिल्ली मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने सड़क दुर्घटना में मारे गए ट्रक चालक उस्मान के परिवार को 25.25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) को यह राशि चुकाने के साथ याचिका दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का निर्देश दिया है।
यह हादसा 28 अप्रैल 2022 को उत्तम शुगर मिल के पास हुआ था। उस्मान सड़क किनारे ट्रक खड़ा कर उसका पंचर ठीक कर रहा था। इसी दौरान सुमित बालियान द्वारा चलाई जा रही बस ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल उस्मान को पहले रुड़की के अस्पताल ले जाया गया और फिर मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मामले की सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी विक्रम ने बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना। प्रत्यक्षदर्शी संदीप ने बताया कि उसने बस को उस्मान को टक्कर मारते देखा था। संदीप घटनास्थल के पास पंचर की दुकान चलाता है। ट्रिब्यूनल ने बस चालक के उस हलफनामे पर भी गौर किया, जिसमें उसने स्वीकार किया था कि उस्मान सड़क किनारे ट्रक का पंचर ठीक कर रहा था।
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30 दिन में राशि जमा करने का आदेश :
मुआवजा तय करते समय ट्रिब्यूनल ने उत्तर प्रदेश में कुशल श्रमिकों के न्यूनतम वेतन के आधार पर उस्मान की मासिक आय 11,743 रुपये मानी। विभिन्न मदों को जोड़कर कुल 25.25 लाख रुपये निर्धारित किए गए। रिकॉर्ड के अनुसार, हादसे के दिन बस की बीमा पॉलिसी नहीं थी। इसलिए मुआवजे की जिम्मेदारी निगम पर डाली गई है।
ट्रिब्यूनल ने निगम को 30 दिनों के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर देरी की अवधि के लिए 10 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज देना होगा।