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दादरी मुठभेड़ में डरपोक पुलिसवालों को बचाने के लिए गढ़ी झूठी कहानी

Wed, 27 Apr 2016 06:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Wed, 27 Apr 2016 06:19 AM IST
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false story to save cowards policeman in Dadri police encounter case
दादरी में दरोगा शहीद - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

मुठभेड़ के दौरान जांबाज दरोगा अख्तर खान को अकेला छोड़ पीठ दिखाकर भागने वाले डरपोक इंस्पेक्टर होम सिंह यादव और अन्य पुलिस वालों को बचाने के लिए झूठी कहानी गढ़ दी गई। पुलिस की तरफ से खुद का बचाव करते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

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पुलिस टीम की दबिश का समय दिया गया है। रिपोर्ट में पुलिस की ओर से फायरिंग करने की बात कही है, लेकिन उस समय का जिक्र नहीं किया गया कि अख्तर खान को गोली लगने के कितनी देर बाद या कब अस्पताल पहुंचाया गया।
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न ही यह लिखा गया कि गोली चलने के बाद पुलिस फोर्स बुलाने के लिए कब और किसने मैसेज दिया। रिपोर्ट में लिखवाया है कि घायल अख्तर खान को इंस्पेक्टर होम सिंह यादव ने अस्पताल पहुंचाया, जबकि वास्तविकता में स्थानीय युवकों ने उन्हें चारपाई पर डालकर अस्पताल पहुंचाया था। यह बात ग्रामीण बोल रहे हैं।

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पुलिस ने दर्ज कराई यह रिपोर्ट

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घटनास्थल - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

मुठभेड़ के दौरान जांबाज दरोगा अख्तर खान को अकेला छोड़ पीठ दिखाकर भागने वाले डरपोक इंस्पेक्टर होम सिंह यादव और अन्य पुलिस वालों को बचाने के लिए झूठी कहानी गढ़ दी गई। पुलिस की तरफ से खुद का बचाव करते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

पुलिस टीम की दबिश का समय दिया गया है। रिपोर्ट में पुलिस की ओर से फायरिंग करने की बात कही है, लेकिन उस समय का जिक्र नहीं किया गया कि अख्तर खान को गोली लगने के कितनी देर बाद या कब अस्पताल पहुंचाया गया।

न ही यह लिखा गया कि गोली चलने के बाद पुलिस फोर्स बुलाने के लिए कब और किसने मैसेज दिया। रिपोर्ट में लिखवाया है कि घायल अख्तर खान को इंस्पेक्टर होम सिंह यादव ने अस्पताल पहुंचाया, जबकि वास्तविकता में स्थानीय युवकों ने उन्हें चारपाई पर डालकर अस्पताल पहुंचाया था। यह बात ग्रामीण बोल रहे हैं।

अख्तर खान जान की परवाह किए बगैर जावेद को पकड़ने आगे बढे़

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दादरी में दरोगा शहीद - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

4.50 बजे दरोगा अख्तर खान ने आगे बढ़कर फुरकान के घर का दरवाजा धक्का देकर खोल दिया। उनको देखते ही जावेद ने हाथ में लिए हथियार से जान से मारने की नीयत से पुलिस वालों पर फायर कर दिया।

खुद को बचाते हुए दरोगा अख्तर खान जान की परवाह किए बगैर जावेद को पकड़ने आगे बढे़। जावेद ने तभी साथियों से कहा कि मारो इन पुलिस वालों को। इसी बीच आत्मरक्षा के लिए अख्तर खान समेत पुलिस वालों ने बचाव करते हुए सरकारी हथियारों से फायर किए।

बदमाशों द्वारा चलाई गोली दरोगा अख्तर खान को लग गई। गोली लगने से अख्तर खान मौके पर ही गिर गए। बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मकान में बने जीने और ऊपर लगी सीढ़ी चढ़कर छतों के रास्ते से भाग गए।

लोगों ने पुलिस की कहानी को झुठलाया  

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अख्तर खान को घायल अवस्था में कोतवाल होम सिंह यादव सरकारी अस्पताल दादरी ले गए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर सुरक्षा के लिए दो कांस्टेबल छोड़ दिए गए। घटना से मोहल्ले और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। लोग घरों में दुबक गए। बाहर निकलने का साहस नहीं कर सके। इस शिकायत पर दादरी कोतवाली में धारा 147, 148, 149, 307, 302 आईपीसी और 7 क्रिमनल एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की है।

आसपास के लोगों ने पुलिस की कहानी को झुठला दिया है। लोगों ने बताया कि नई आबादी मोहल्ले में दरोगा अख्तर खान को गोली लगने के साथ ही पुलिस टीम भाग खड़ी हुई थी। 100 मीटर दूरी पर पुलिसकर्मी फोर्स बुलाने और हड़बड़ाहट में इधर उधर घूमते रहे। दरोगा को गोली लगने की जानकारी पर आसपास से लोग मौके पर पहुंचे।

उन्होंने ही पड़ोस से चारपाई लाकर अख्तर खान को सरकारी अस्पताल पहुंचाया था। दरोगा के अस्पताल पहुंचने के बाद दादरी पुलिस अस्पताल पहुंची थी। बाद में फिर से मौके पर जाकर गली में ही फायरिंग कर मुठभेड़ का ड्रामा किया गया। दरोगा की गोली लगने से मौत होने की सूचना एसएसपी किरण एस. समेत आला अफसरों को दी गई थी।

 दादरी सीओ अनुराग सिंह दो दिन के अवकाश पर थे। उनके स्थान पर बिसरख के सीओ राकेश कुमार पर दादरी का चार्ज था। नई आबादी में बड़ी संख्या में हथियारों के साथ जावेद को गिरफ्तार करने के लिए दबिश देने के बारे में कोतवाल होम सिंह यादव ने सीओ को सूचना तक नहीं दी। सवेरे अख्तर खान की मुठभेड़ के दौरान मौत होने की सूचना मिलने पर जानकारी हुई। होम सिंह यादव को हटाकर उनके स्थान पर दनकौर के कोतवाल जितेंद्र कालरा को तैनात किया गया है। जितेंद्र कालरा ने चार्ज संभाल लिया है।

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