डीटीसी को मिलेगी 1250 बसें, मेट्रो विस्तार, ट्रेन की चाल होगी तेज
- शुरू होगा दिल्ली में काम, नई दिल्ली, बिजवासन व आनंद विहार का नवीकरण प्रोजेक्ट आएगा पटरी पर
- आरआरटीएस प्रोजेक्टर पर शुरू होगा दिल्ली में काम, नई दिल्ली, बिजवासन व आनंद विहार का नवीकरण प्रोजेक्ट आएगा पटरी पर
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विस्तार
दिल्ली परिवहन निगम अपने बेड़े में इस साल बड़ा विस्तार होने जा रहा है। डीटीसी दिल्ली की सड़कों पर 300 इलेक्ट्रिक बसों के अलावा 1,250 लो फ्लोर एसी बसें उतारेगा। ई-वाहन आने से दिल्ली की आबोहवा पर असर पड़ेगा। साथ ही वाहनों के बीएस-6 अनिवार्य होगा। वहीं, मेट्रो फेस-4 प्रोजेक्ट के कार्यों की रफ्तार में तेजी आएगी। त्रिलोकपुरी और ढासा बॉर्डर तक भी यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। दूसरी तरफ नई दिल्ली, आनंद विहार व बिजवासन रेलवे स्टेशन के नवीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट का पंख लगेंगे। नई दिल्ली में स्कॉई वॉक बनने से रेलवे स्टेशन से मेट्रो का संपर्क मजबूत होगा। दिल्ली से चलने वाली एक्सप्रेस व लोकल ट्रेन की रफ्तार भी बढ़ेगी। दिल्ली-मेरठ को जोड़ने वाले रैपिड रेल प्राजेक्ट पर भी दिल्ली में काम शुरू होगा।
चुनौतियां:
. करीब छह महीने तक बंद रही मेट्रो सेवाएं, रोजाना करीब 10 करोड़ यानि नुकसान करीब 200 करोड़.
. कोरोना काल में यात्रियों के साथ सेवाएं शुरू करना, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने और सैनिटाइजेशन के लिए मेट्रो कर्मियों के साथ साथ पुलिस, सिविल डिफेंस कर्मियों की भी तैनाती.
. डीटीसी और क्लस्टर बसों में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के पालन से रोजाना लाखों का नुकसान, यात्रियों की संख्या 50 फीसदी से भी हुई कम.
. मेट्रो, डीटीसी, क्लस्टर बस कर्मियों के लिए बचाव के साथ साथ खुद को सुरक्षित रखते हुए काम पर डटे रहना.
. वाहनों के लिए एचएसआरपी, बीएस-6 वाहनों की अनिवार्यता को सख्ती से किया गया लागू। डीटीसी को भी इससे काफी नुकसान हुआ है।
उम्मीदें:
. डीटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 300 इलेक्ट्रिक बसें।
. 1250 लो फ्लोर बसें भी होंगी शामिल।
. त्रिलोकपुरी और ढासा बॉर्डर तक पहुंचेगी मेट्रो. फेस-4 पर काम में आएगी तेजी।
. मेजेंटा के बाद पिंक लाइन को भी किया जाएगा ड्राइवरलेस।
. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्काई वॉक की होगी सुविधा।
. नई दिल्ली, आनंद विहार व बिजवासन रेलवे स्टेशन के नवीकरण प्रोजेक्ट पर लगेंगे पंख।
. नई दिल्ली-कोलकाता व नई दिल्ली-मुंबई रूट की ट्रेनों की चाल होगा 130 से ऊपर, लोकल ट्रेन का रफ्तार भी बढ़ेगी।
. दिल्ली में आरआरटीएस प्रोजेक्ट पर काम होगा शुरू।
उपलब्धियां:
. कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पटरी पर उतरी रेलवे और बस।
. श्रमिक ट्रेनों ने बड़ी संख्या में मजदूरों को घर तक पहुंचाया।
. कोरोना के बीच मेट्रो का रहा बेहतर संचालन।
. कोरोना काल की बंदी में मेट्रो ने अपने पूरे सिस्टम का किया बेहतर।
विशेषज्ञों की राय
वाहनों के लिए बीएस-6 अनिवार्य किए जाने से प्रदूषण में कमी आएगी। पर्टिकुलेट मैटेरियल(पीएम) में एक चौथाई की कमी जबकि नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन 50 फीसदी तक कम होगा। इलेक्ट्रिक बसों के सड़कों पर उतरने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन संख्या में बढ़ोतरी होने पर दो-तीन साल में प्रदूषण में कमी का असर दिखेगा।
सुशील कुमार त्यागी, पूर्व अवर निदेशक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड-
डीटीसी के बेड़े में 300 इलेक्ट्रिक, 1250 लो फ्लोर एसी बसें होंगी शामिल
डीटीसी के मौजूदा बेड़े का विस्तार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। 300 इलेक्ट्रिक बसों के अलावा 1250 लो फ्लोर एसी बसें शामिल करने का प्रस्ताव है। बसों की संख्या में बढ़ोतरी से यात्रियों की मुश्किलें काफी कम हो जाएंगी। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम तेजी से चल रहा है। डीटीसी के डिपो में भी बदलाव किए जा रहे हैं ताकि लोगों को अधिक से अधिक फायदा मिल सके।
विजय कुमार विधूड़ी, प्रबंध निदेशक, डीटीसी
मेट्रो में दिखेंगे और बदलाव
कोरोना काल में तमाम चुनौतियों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)में कई बदलाव किए गए। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजेशन को अनिवार्य किया गया जबकि स्वदेशीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए। मेट्रो को पहले कैशलेस किया गया, अब ड्राइवरलेस करने की तैयारी है। अगले साल फेज-4 परियोजनाओं पर होने वाले काम में तेजी आएगी। त्रिलोकपुरी और ढासा बॉर्डर तक यात्रियों को मेट्रो की सुविधा उपलब्ध होगी।
अनुज दयाल, कार्यकारी निदेशक, डीएमआरसी (कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन)
चुनौती के बीच चली मेट्रो
सोशल डिस्टेसिंग के साथ सफर कराना बेहद चुनौती भरा रहा है। बावजूद इसके जवानों से सफलता पूर्वक इस काम का अंजाम तक पहुंचाया है। अभी तक कोई बड़ा मामला संक्रमण का मेट्रो से नहीं मिला है। सीआईएसएफ की महिला अल्फा का सहयोग भी बेहतर रहा। यात्रियों ने भी कोरोना प्रोटोकाल का पालन कर सहयोग दिया है।
दयाल गंगवार, महानिरीक्षक, सीआईएसएफ, एनसीआर