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किस काम के डॉक्टर जब नहीं चलाना आता वेंटिलेटर
सौम्य मिश्र/अमर उजाला,नोएडा
Updated Thu, 14 Jan 2016 08:26 PM IST
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गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल के डॉक्टरों को वेंटिलेटर चलाना नहीं आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोएडा आगमन के वक्त एसपीजी ने जब डॉक्टरों से वेंटिलेटर चलाने के लिए था तब इसका खुलासा हुआ था। इसके बाद भी इनकी ड्यूटी पीएम के कार्यक्रम में एएलएस एंबुलेंस में लगा दी गई थी। अब चिंता राष्ट्रपति के ग्रेटर नोएडा दादरी आगमन पर है, जहां पर एक फिर से एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (एएलएस) में गाजियाबाद से टीम आ रही है।
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31 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेक्टर 62, नोएडा में आए थे। उन्होंने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था। उनके आगमन से पहले ही गाजियाबाद की एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और उसमें एनेस्थीसिया विशेषज्ञ समेत अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ड्यूटी संभाल ली थी। नोएडा के जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों की एडवांस एंबुलेंस और डॉक्टर भी ड्यूटी पर तैनात थे।
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एसपीजी ने जब गाजियाबाद की एएलएस एंबुलेंस में तैनात डॉक्टरों से वेंटिलेंटर चलाने के लिए कहा तो डॉक्टर वेंटिलेंट नहीं चला सके थे। सीएमओ डॉ.आरके गर्ग ने बताया कि उस वक्त निजी अस्पताल की एएलएस एंबुलेंस और टीम थी, जिन्होंने अपनी वेंटिलेंटर चला कर दिखा दिया था। हालांकि गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल के सीएमएस से इस मामले में स्पष्टीकरण लिया गया था।
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18 जनवरी को ग्रेटर नोएडा दादरी के शिव नादर यूनिवर्सिटी में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को एक कार्यक्रम में आना है। सीएमओ डॉ.आरके गर्ग ने बताया कि मौके पर जिले के निजी अस्पतालों की एडवांस लाइफ सपोर्टिंग एंबुलेंस और दक्ष टीम मौजूद रहेगी। हालांकि जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम के अलावा गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल से भी एक एएलएस एंबुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीम आएगी।
इस बार डॉक्टरों की नई टीम भेजी जाएगी
पीएम के आगमन के वक्त एएलएस एंबुलेंस में वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम थी। डॉक्टर से जब एसपीजी ने वेंटिलेंटर चलाने के लिए कहा था तो वह नहीं चला सके थे। उस समय हमारे पास जो टीम उपलब्ध थी, वह भेजी गई थी। इस बार पूरी टीम बदल दी गई है। नई दक्ष टीम एंबुलेंस के साथ भेजी जाएगी।