फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   DNA test of the accused in Kanjhawala case will be done

Kanjhawala Case: घटना के वक्त कार में कौन-कौन था सवार, आरोपियों की DNA जांच से सच आएगा सामने

Sun, 08 Jan 2023 11:50 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 08 Jan 2023 11:50 AM IST
सार

घटना के वक्त कार में कितने लोग मौजूद थे, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। जिस वजह से अब पुलिस ने आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। एफएसएल की टीम ने पांचों आरोपियों के रक्त व बाल के नमूने लिए हैं।

विज्ञापन
DNA test of the accused in Kanjhawala case will be done
कंझावला कांड के आरोपी... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कंझावला केस में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। एफएसएल की टीम ने जांच के दौरान कार से साक्ष्य लिए हैं साथ ही पांचों आरोपियों के रक्त व बाल के नमूने लिए हैं। रिपोर्ट में पता लग जाएगा कि 31 दिसंबर की रात घटना के दौरान कार में कौन-कौन चार आरोपी मौजूद थे।

विज्ञापन


आरोपियों से शुरूआती पुछताछ में सामने आया था कि कार में पांच लोग मौजदू थे। पुलिस ने पांचों आरोपियों 26 वर्षीय दीपक खन्ना, 25 वर्षीय अमित खन्ना, 27 वर्षीय कृष्ण, 26 वर्षीय मिथुन और 27 वर्षीय मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया था। जिसके तीन दिन बाद ये बात सामने आई कि कार में दीपक खन्ना मौजूद नहीं था। अब घटना के वक्त कार में कितने लोग मौजूद थे, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। जिस वजह से अब पुलिस ने आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। 

विज्ञापन

पुलिस रोज बदल रही कहानी
पुलिस कंझावला मामले में बिल्कुल नौसिखिए की तरह जांच कर रही है। यही वजह है कि पुलिस रोज एक नई कहानी मीडिया के सामने लेकर आ रही है। वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने आनन-फानन में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर केस सुलझाने का दावा किया। समय बीतने के साथ हर दिन पुलिस नई थ्योरी और कहानी के साथ सामने आई। 

जानकारों का कहना है कि गैर पेशेवर तरीके से की गई जांच इसकी बड़ी वजह है। हादसे के छह दिन बाद शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया है कि अंजलि को जिस कार से घसीटा गया था उसमें पांच नहीं, चार आरोपी मौजूद थे। अगर जांच में सतर्कता बरती गई होती तो इस तथ्य का पता सीडीआर की मदद से पहले ही दिन लग सकता था। उधर, पुलिस ने इस मामले में अंजलि की सहेली निधि को थाने बुलाकर पूछताछ की।

अब तक स्पष्ट नहीं किस आरोपी की हादसे में भूमिका
दिल्ली पुलिस अभी भी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि किस आरोपी की हादसे में क्या भूमिका थी। ऐसा लग रहा है कि आरोपी जो कहानी पुलिस को सुनाते हैं, पुलिस उसे हकीकत समझकर मीडिया को बयां कर देती है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि इस मामले की गंभीरता को समझा जाता तो कम से कम वारदात की बेसिक जानकारी स्पष्ट होती, लेकिन हर दिन नई कहानी सामने आई। पहले दिन यह कहा गया कि अंजलि हादसे के समय अकेली थी। लेकिन दो दिन बाद अचानक कहानी में अंजलि की दोस्त निधि आ जाती है और पुलिस उसे थाने लाकर उससे पूछताछ की जाती है। संदिग्ध भूमिका वाली निधि भी पुलिस को रोजाना अलग-अलग कहानी सुनाती है। छह दिन बाद पुलिस बताती है कि हादसे वाली कार दीपक नहीं बल्कि उसका चचेरा भाई अमित खन्ना चला रहा था। वारदात के समय दीपक तो अपने घर पर मौजूद था।

कोई दिन ऐसा नहीं जा रहा जिस दिन दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त सागरप्रीत हुड्डा मीडिया से जानकारी साझा न करते हो। गुरुवार को पुलिस ने मामले में अचानक दो और आरोपी आशुतोष और अंकुश को भी शामिल कर लिया। पुलिस का कहना था कि इन लोगों ने आरोपियों की मदद की। घटना की जानकारी होने के बाद भी तथ्यों को छिपाया। इसलिए इनको भी इस पूरे कांड में शामिल किया गया है, जबकि कार का मालिक आशुतोष था। पुलिस उसे बुलाकर हकीकत का पता कर सकती थी। 

सूत्रों का कहना है कि घटना के समय हुई पीसीआर कॉल और पुलिस की सक्रियता से लेकर उसकी जांच हर मामले में घोर लापरवाही बरती गई। यही वजह है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि मामला मीडिया की सुर्खियों में न आया होता तो शायद इसे सामान्य सड़क हादसे का केस बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed