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गठबंधन के बावजूद कांग्रेस की राह आसान नहीं, हारी हुई सीट पर बाजी लगाने से कतरा रहे रणनीतिकार
Tue, 09 Apr 2019 06:04 AM IST
पूजा त्रिपाठी
नवनीत शरण, अमर उजाला, नई दिल्ली
नवनीत शरण, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 09 Apr 2019 06:04 AM IST
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शीला दीक्षित समेत कांग्रेसी नेता
- फोटो : अमर उजाला
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आप और कांग्रेस गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरती भी है तो कांग्रेस के लिए जीत का परचम लहराना बहुत आसान नहीं होगा। जिस तरह से गठबंधन के लिए सीटों के बंटवारे की बात चली रही है, उसमें ऐसी लोकसभा सीट भी है जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को उम्मीद से काफी कम वोट मिले थे।
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ऐसे में बड़े अंतर से हारी हुई सीट पर बाजी लगाने से कांग्रेस प्रत्याशी कतराएंगे। रणनीतिकारों की भी मानें तो आप तो फायदे में रहेगी, लेकिन कांग्रेस के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। आप व कांग्रेस के बीच जिन लोकसभा सीट पर गठबंधन करने की चर्चा चल रही है, उस फार्मूले पर प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता नाराजगी जता रहे है।
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पार्टी सूत्रों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी लोकसभा सीट ऐसी है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को सबसे कम वोट मिले थे। इस लोकसभा में भाजपा को जहां 6 लाख 27 हजार से अधिक वोट मिले थे तो वहीं आप प्रत्याशी को 5 लाख 22 हजार से अधिक।
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कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को इस लोकसभा में महज 1 लाख 57 हजार के करीब ही वोट मिले थे। ऐसे में अगर इस सीट पर कांग्रेस गठबंधन करती है तो यह सीट कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा साबित नहीं होने वाली।
वर्तमान गठबंधन के फार्मूले को कांग्रेस कार्यकर्ता घाटे का सौदा मान रहे हैं
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आरक्षित सीट होने के कारण अभी भी यहां मतदाताओं का रुझान आम आदमी पार्टी में ही है। क्योंकि मध्यम वर्ग व उच्च वर्ग का रुझान भले ही आप के प्रति कम हुआ है, लेकिन झुग्गियों व क्लस्टरों में रहने वाले मतदाता आज भी आप से जुड़े हुए हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान को इस गणित से अवगत किया जाएगा। उत्तर-पश्चिम की जगह उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस के लिए बेहतर है। क्योंकि पिछले चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को 2 लाख 14 हजार से अधिक वोट मिला था। इसी तरह पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर भी कांग्रेस प्रत्याशी को 2 लाख से अधिक वोट मिला था। लिहाजा वर्तमान गठबंधन के फार्मूले को कांग्रेस कार्यकर्ता घाटे का सौदा मान रहे हैं।
उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट पर 2014 में क्या रही पार्टी की स्थिति
भाजपा को मिला कुल मत-627529
आप को मिला कुल मत-522842
कांग्रेस को मिला कुल मत-157242
नई दिल्ली लोकसभा सीट पर 2014 में क्या रही पार्टी की स्थिति
भाजपा को मिला कुल मत-452480
आप को मिला कुल मत-290515
कांग्रेस को मिला कुल मत-182627
चांदनी चौक लोकसभा सीट 2014 में क्या रही पार्टी की स्थिति
भाजपा को मिला कुल मत-435829
आप को मिला कुल मत-301172
कांग्रेस को मिला कुल मत-175797
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान को इस गणित से अवगत किया जाएगा। उत्तर-पश्चिम की जगह उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस के लिए बेहतर है। क्योंकि पिछले चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को 2 लाख 14 हजार से अधिक वोट मिला था। इसी तरह पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर भी कांग्रेस प्रत्याशी को 2 लाख से अधिक वोट मिला था। लिहाजा वर्तमान गठबंधन के फार्मूले को कांग्रेस कार्यकर्ता घाटे का सौदा मान रहे हैं।
उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट पर 2014 में क्या रही पार्टी की स्थिति
भाजपा को मिला कुल मत-627529
आप को मिला कुल मत-522842
कांग्रेस को मिला कुल मत-157242
नई दिल्ली लोकसभा सीट पर 2014 में क्या रही पार्टी की स्थिति
भाजपा को मिला कुल मत-452480
आप को मिला कुल मत-290515
कांग्रेस को मिला कुल मत-182627
चांदनी चौक लोकसभा सीट 2014 में क्या रही पार्टी की स्थिति
भाजपा को मिला कुल मत-435829
आप को मिला कुल मत-301172
कांग्रेस को मिला कुल मत-175797