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पानी पर 6.5 लाख खर्च होने के बावजूद यात्रियों को खरीदना पड़ रहा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 13 Jun 2016 05:50 AM IST
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पानी
- फोटो : getty
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इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि तीन-तीन महाप्रबंधक निगम के संयुक्त आयुक्त रहे, लेकिन वे भी बल्लभगढ़ बस अड्डे को पानी का स्थायी कनेक्शन नहीं दिला सके। सरकारी व्यवस्था के अभाव में यात्रियों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
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हरियाणा रोडवेज ने तीन साल पहले करीब साढ़े छह लाख रुपये का बजट पानी की व्यवस्था के लिए दिया था, लेकिन आज तक न यात्रियों का और न ही कर्मचारियों का गला तर हो पाया है। बस अड्डे पर पेयजल व्यवस्था का बुरा हाल है।
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रोडवेज परिसर में लगे ट्यूबवेल का पानी खारा है। बस अड्डे से रोज दिल्ली, गुड़गांव सहित अंतरराज्यीय रूटों पर 200 बसें चलती हैं। इन बसों में रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन पानी के लिए दुकानों पर बिकने वाले बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ता है।
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तीन साल पहले साढ़े छह लाख रुपये की लागत से ट्यूबवेल व आरओ प्लांट लगाने की योजना बनाई थी। कनेक्शन न मिलने की वजह से यह योजना भी अभी तक सिरे नहीं चढ़ी है, जबकि रोडवेज महाप्रबंधक के पद पर रहे अमदीप जैन, राजेश कुमार और स्वयं वर्तमान जीएम रीगन कुमार नगर निगम के संयुक्त आयुक्त रह चुके हैं।
केवल दो टंकियों पर टिकी है व्यवस्था
यात्रियों का कहना है कि बल्लभगढ़ बस स्टैंड से रोज बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। यहां से विभिन्न शहरों के लिए बसों का संचालन किया जाता है। इतने बड़े बस स्टैंड के भीतर पानी की महज दो टंकियां लगी हैं। इसमें एक टंकी किसी धर्मार्थ संगठन की ओर से लगाई गई है। इन टंकियों में कभी पानी रहता है, तो कभी नहीं। यात्री सुशील कौशिक का कहना है कि बस अड्डे पर पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
यहां मौजूद दो टंकियों में प्रदूषित पानी रहता है, जो पीने लायक नहीं है। टंकियों के चारों तरफ गंदगी है, इसलिए लोग पानी नहीं पीते। इस संदर्भ में जब रोडवेज महाप्रबंधक रीगन कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।