फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhis planning now to include the NCR: LG

दिल्ली की प्लानिंग अब एनसीआर को साथ लेकर: एलजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 05:58 PM IST
विज्ञापन
पानी, परिवहन और आवास की समस्याएं प्रशासनिक सीमाओं से आगे जाकर सुलझाई जाएंगी
विज्ञापन

राजधानी में महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की जरूरतों के हिसाब से बनेंगी शहर की सुविधाएं

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की आवास, परिवहन, जल निकासी और पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अब पूरे एनसीआर को ध्यान में रखकर एकीकृत योजना तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। दिल्ली और पड़ोसी क्षेत्रों की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर जमीन के इस्तेमाल, आवास और परिवहन ढांचे का विकास किया जाएगा। साथ ही, शहर की सड़कें और सार्वजनिक सुविधाएं महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के अनुकूल बनाई जाएंगी। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को युवा नगर नियोजकों के सेमिनार में शहरी विकास की प्राथमिकताएं गिनाते हुए ये बातें कहीं।
विश्व पर्यावास दिवस, विश्व नगर दिवस और विश्व नगर नियोजन दिवस के अवसर पर आयोजित सेमिनार में उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करना बड़ी चुनौती है। आवास, परिवहन, पानी और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं प्रशासनिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। ऐसे में दिल्ली की योजना एनसीआर के व्यापक संदर्भ में बनानी होगी। जमीन के इस्तेमाल और परिवहन ढांचे के बीच बेहतर तालमेल से विकास को व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
विज्ञापन

घर के साथ रोजगार और कनेक्टिविटी भी जरूरी
उपराज्यपाल ने कहा कि केवल किफायती आवासों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। यह भी जरूरी है कि लोगों को घर के आसपास रोजगार, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों। आवासीय क्षेत्रों का विकास इस तरह किया जाना चाहिए कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल निकासी और जल संरक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि जल निकासी, वर्षा जल संचयन और जलाशयों के संरक्षण के लिए एकीकृत योजना तैयार करनी होगी। प्राकृतिक जल निकासी तंत्र को सुरक्षित रखने के साथ विकास कार्यों में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
सुरक्षित और समावेशी हों सड़कें
उपराज्यपाल ने कहा कि सड़कें और सार्वजनिक परिवहन महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक होने चाहिए। शहरी नियोजन में लोगों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाने पर विशेष ध्यान देना होगा।

तकनीक के साथ जनभागीदारी जरूरी
युवा नगर नियोजकों को जीआईएस, रिमोट सेंसिंग, डिजिटल मैपिंग और शहरी आंकड़ों का उपयोग बढ़ाने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ पेशेवर समझ और स्थानीय जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। जमीन, आवास और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले तथ्य, पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनहित पर आधारित होने चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed