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दिल्ली-मेरठ जाने-आने वाले लाखों लोगों के लिए खुशखबरी, नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड का प्रस्ताव पास

Mon, 30 Sep 2019 06:01 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Mon, 30 Sep 2019 06:01 PM IST
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delhi meerut northern peripheral road will ease trip make hours of journey in minutes
सांकेतिक तस्वीर

गाजियाबाद के एनएच-9 से दिल्ली-मेरठ रोड और लोनी जाने वाले लाखों लोगों का जाम को झेलते हुए घंटों का सफर भविष्य में मिनटों में तय हो सकेगा। जीडीए की बोर्ड बैठक में नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड (एनपीआर) और राजनगर एक्सटेंशन को आउटर रिंग के जरिए एनपीआर से जोड़ने वाली सड़क निर्माण का प्रस्ताव पास हो गया है।

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9.90 किमी लंबी एनपीआर रोड ओर 6.40 किमी लंबी आउटर रिंग रोड का निर्माण तीन चरणों में होगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद 466.46 करोड़ के प्रोजेक्ट का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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मंडलायुक्त व जीडीए अध्यक्ष अनीता सी. मेश्राम की अध्यक्षता में हुई बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा, डीएम अजय शंकर पांडेय सहित प्राधिकरण के आला अधिकारी मौजूद रहे। बोर्ड बैठक में रखे गए कुल 18 में से 14 प्रस्तावों को स्वीकृत कर लिया गया। एनपीआर में जमीन अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड में प्रस्ताव रखा गया था।
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अभी तक एनएच-9 से पहले दिल्ली-मेरठ हाईवे और फिर लोनी जाने के लिए लोगों को हापुड़ रोड, दिल्ली-मेरठ रोड, राजनगर एक्सटेंशन करहेड़ा के जाम को झेलते हुए लोनी तक का सफर तय करना पड़ता है। एनपीआर के निर्माण से बगैर किसी जाम के पहले एनएच-9 से पहले दिल्ली-मेरठ रोड और फिर दिल्ली-मेरठ रोड से एनपीआर से होते हुए लोनी तक पहुंचा जा सकेगा।

एलिवेटेड रोड शुरू होने से राजनगर एक्सटेंशन में जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। यहां से आने वाले ट्रैफिक को अभी भी राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर जाम से रूबरू होना पड़ता है। अब आउटर रिंग रोड के निर्माण से राजनगर एक्सटेंशन से आने वाले वाहन पहले एनपीआर से होते हुए दिल्ली-मेरठ रोड पर सीधे दुहाई पर पहुंच जाएंगे।

एनएच-9 से दिल्ली-मेरठ रोड तक 6.4 किमी एनपीआर के निर्माण पर 223.92 करोड़ और दिल्ली-मेरठ रोड से लोनी की ओर 3.5 किमी एनपीआर रोड व 6.2 किमी लंबी राजनगर एक्सटेंशन आउटर रिंग रोड पर 242.54 करोड़ खर्च किए जाने हैं।

दिल्ली-मेरठ हाईवे व राजनगर एक्सटेंशन के लाखों लोगों को लाभ

नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड और आउटर रिंग रोड के निर्माण से दिल्ली-मेरठ हाईवे, एनएच-9 से गुजरने के साथ राजनगर एक्सटेंशन और उसके आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। एनपीआर के पहले 6.4 किमी रोड से एनएच-9 सीधे दिल्ली-मेरठ रोड से जुड़ जाएगा। इससे प्राधिकरण की मधुबन बापूधाम योजना, गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम, कपूरीपुरम, हरसांव, डासना-मसूरी सहित  आसपास के कई गांवों के लोग हापुड़ चुंगी की जगह सीधे दिल्ली-मेरठ रोड पहुंच सकेंगे। वहीं आउटर रिंग रोड के निर्माण से दिल्ली-मेरठ से गुजरने वाले लोग सीधे राजनगर एक्सटेंशन से होते हुए करहेड़ा या फिर दुहाई पहुंच सकेंगे। मेरठ, हरिद्वार व हापुड़ जाने वाले लोगों को बहुत लाभ मिलेगा।

तीन-तीन लेन की सड़क , अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम तक होगी सीधी पहुंच
नॉर्दर्न पेरिफेरल की कुल लंबाई 20.08 किमी है। दिल्ली-मेरठ रोड से लोनी तक एनपीआर की कुल लंबाई 13.60 किमी है। पहले 3.50 किमी लंबी एनपीआर और 6.26 किमी लंबी आउटर रिंग रोड तीन-तीन लेन की होगी। आउटर रिंग रोड व एनपीआर के जरिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक सीधी पहुंच हो जाएगी।

अवैध निर्माण हुआ तो जेई जिम्मेदार 
जीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण पर अब प्राधिकरण के जेई की जवाबदेही तय कर दी गई है। जीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण पाए जाने पर जेई पर कार्रवाई तय है। किसी भवन का पिंल्थ लेवल पर निर्माण शुरू होने पर जेई को निर्माण का दो दिन के भीतर स्थलीय सत्यापन करना होगा। मौके पर निर्माण की फोटोग्राफी व जियो टैगिंग रिपोर्ट भी सबमिट करनी होगी। इसके बाद हर फ्लोर की स्लैब पड़ने की भी जेई को जियो टैगिंग के साथ फोटोग्राफी करनी होगी। अगर कोई अवैध निर्माण पाया जाता है तो जेई खुद इसके लिए जवाबदेह होंगे। वहीं, निर्माण में केवल एक बार ही कंपाउंडिंग कराने और एफएआर के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा। मंडलायुक्त ने शासनादेश का हवाला देते हुए एफएआर के किश्तों में जमा करने के नियम को बरकरार रखा है।

5000 वर्ग मीटर की सोसाइटी में दो पाइपलाइन अनिवार्य

जीडीए से स्वीकृत 5000 वर्ग मीटर भूखंड पर बनने वाली ग्रुप हाउसिंग व अन्य योजनाओं में बिल्डरों को शौंचालय और किचन-बाथरूम के लिए दो अलग-अलग पाइपलाइन डालना अब अनिवार्य हो गया है। किचन व बाथरूम के पानी को अलग पाइपलाइन के जरिए पहले शोधित करना होगा। उसका इस्तेमाल सोसाइटी में छिड़काव, पार्क और अन्य सफाई संबंधी कार्यों में हो सकेगा। इससे लाखों लीटर पानी की बचत हो सकेगी। दूसरी पाइप लाइन से शौचालय का वेस्ट सीधे एसटीपी में जाएगा।

आईटीएमएस सहित इन प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
महानगर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए 78.35 करोड़ की आईटीएमएस योजना को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब अक्तूबर माह से निर्माण संबंधी रुकावट दूर हो गई है। इसके अलावा हाईटेक व इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना की प्रगति रिपोर्ट के बारे में बोर्ड को अवगत कराया गया। गांव दुहाई व प्रहलाद गढ़ी में ग्रीन बेल्ट की भूमि पर सीएनजी पंप की स्थापना संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई। चंद्रशिला अपार्टमेंट में फ्लैटों की लागत को कम करने संबंधी प्रस्ताव बोर्ड ने पास कर दिया है। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट में आम जनता को पेट्रोल व डीजल विक्रय नहीं करने की शर्त पर पंप के निर्माण को मंजूरी दे दी गई। मसूरी में निर्माणाधीन 1440 पीएम आवास के निर्माण में एक लाख की अतिरिक्त आने वाली लागत संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। गालंद में निगम को दी गई जमीन की स्टाम्प में छूट का प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया गया है। इसे शासन को भेजा जाएगा।

नेहरूनगर गोदाम लैंड यूज सहित यह प्रस्ताव हुए फेल
बोर्ड बैठक में नेहरूनगर में जीडीए के गोदाम की जमीन का लैंड यूज बदलकर आवासीय में करने के प्रस्ताव को बोर्ड सदस्यों की आपत्तियों के बाद खारिज कर दिया गया। बोर्ड सदस्य पार्षदों ने इस लैंड का भू-उपयोग ग्रीन बेल्ट में होने व इससे नेहरूनगर में नई समस्याओं के खड़ी होने का हवाला दिया गया। अब मंडलायुक्त ने गोदाम की जमीन का भू-उपयोग जांचकर अगली बोर्ड बैठक में रखने को कहा है। इसके अलावा प्राधिकरण के पूर्व विधि नियंत्रक राजेंद्र त्यागी की पेंशन, ईगल कांटिनेंटल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड संबंधी प्रस्ताव को विरोध के बाद मंजूरी नहीं मिल सकी। प्राधिकरण अधिवक्ताओं की नियम व शर्तों संबंधी प्रस्ताव भी अस्वीकृत हो गया है।

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