Delhi: बंद नहीं शिफ्ट किया जा रहा जेएनयू का इतिहास पुस्तकालय, विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी जानकारी
इस पुस्तकालय भवन में तमिल अध्ययन केंद्र खोला जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के पुस्तकालय को बंद करने के फैसले से छात्रों ने नाराजगी जताई है।
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने इतिहास पुस्तकालय के बंद होने की अफवाहों को लेकर बयान जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इतिहास पुस्तकालय को बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि दूसरे भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। कैंपस में छात्रों द्वारा अफवाह फैलायी जा रही है कि तमिल अध्ययन केंद्र के लिए इतिहास पुस्तकालय को बंद किया जा रहा है, लेकिन उसमें कोई सच्चाई नहीं है। इतिहास पुस्तकालय को दूसरे भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। जबकि पुस्तकालय वाले भवन में तमिल अध्ययन केंद्र स्थापित किया जा रही है। यह फैसला विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव कांउसिल में लिया गया था।
इससे पहले खबर थी की जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने आर्थिक दिक्कत का हवाला देते हुए इतिहास अध्ययन संस्थान से संबद्ध (सीएचएस) पुस्तकालय को बंद करने का फैसला लिया है। इस पुस्तकालय भवन में तमिल अध्ययन केंद्र खोला जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के पुस्तकालय को बंद करने के फैसले से छात्रों ने नाराजगी जताई है। छात्रों का कहना है कि जेएनयू में तमिल अध्ययन केंद्र खोलने के फैसला का स्वागत है, लेकिन उसकी जगह पुस्तकालय को बंद करने का फैसला बिल्कुल गलत है। हालांकि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसका खंडन किया है।
जेएनयू एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष उमेश चंद्र अजमीरा का कहना है कि हम जेएनयू प्रशासन के सीएचएस लाइब्रेरी को बंद करने के फैसले से बहुत निराश हैं। यह छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक बड़ी बाधा होगी। इससे भारतीय इतिहास के अध्ययन भी बाधित होगा। सीएचएस लाइब्रेरी जेएनयू में सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकालयों में से एक है। यह पुस्तकालय भारतीय इतिहास, अध्ययनों और दर्शनशास्त्र के क्षेत्र में एक समृद्ध संग्रह है। यह छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक मूल्यवान संसाधन है जो इन विषयों में रुचि रखते हैं। हम प्रशासन से यह अनुचित फैसला तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं। हम मांग करते हैं कि सीएचएस पुस्तकालय का नाम बदलकर महाकवि सुब्रमण्यम भारती को श्रद्धांजलि देते हुए उनके नाम पर किया जाए।
जेएनयू प्रशासन इस पुस्तकालय को बंद करने का कारण धन की कमी बता रहा है। इस लाइब्रेरी को बंद करके इस भवन मे तमिल भाषा अध्ययन केंद्र खोला जा रहा है। तमिल अध्ययन केंद्र खोलने का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन इतिहास अध्ययन केंद्र का पुस्तकालय बंद करने का फैसला अनुचित है। तमिल अध्ययन केंद्र खोलने के लिए तमिलनाडु सरकार ने जेएनयू प्रशासन को पिछले साल 10 करोड़ रुपये का आवंटन किया था।