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झटका: एलोपैथी के संबंध में दिए बयान पर हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Fri, 30 Jul 2021 05:33 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 30 Jul 2021 05:33 PM IST
सार

न्यायमूर्ति हरि शंकर ने स्पष्ट किया कि रामदेव का जवाब नहीं मिलने तक वह इस मामले में कार्यवाही शुरू करने की अनुमति नहीं देंगे।

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delhi high court issues notice to baba ramdev on his statement that allopathy medicine took lakhs of life
बाबा रामदेव - फोटो : पीटीआई

विस्तार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने योग गुरु रामदेव को एलोपैथी के संबंध में दिए गए उनके बयानों के खिलाफ दाखिल याचिका पर नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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न्यायमूर्ति हरि शंकर ने स्पष्ट किया कि रामदेव का जवाब नहीं मिलने तक वह इस मामले में कार्यवाही शुरू करने की अनुमति नहीं देंगे। याचिकाकर्ता चिकित्सक एसोसिएशनों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने तर्क दिया कि मुकदमा दायर करने की अनुमति देने के लिए अदालत को केवल उसके समक्ष याचिका को देखना होता है और दूसरे पक्ष के जवाब की आवश्यकता नहीं होती।
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अदालत ने रामदेव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर को जवाब दाखिल करने के लिए समय देते हुए कहा यदि मुकदमा शुरू करने की अनुमति दी जाती है तो (रामदेव) इसके खिलाफ याचिका दाखिल कर कर सकते हैं। अदालत ने कहा इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा। अदालत ने मामले की सुनवाई 10 अगस्त तय की है।
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अदालत के समक्ष तीन रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशनों ने यह याचिका दाखिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रामदेव ने बड़े पैमाने पर लोगों को गुमराह किया और गलत तरीके से यह कहा कि एलोपैथी चिकित्सा पद्धति कोविड -19 संक्रमित कई लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार है। साथ ही आरोप है कि उन्होंने कहा था एलोपैथिक डॉक्टर मरीजों की मौत का कारण बन रहे हैं।


बाबा रामदेव के खिलाफ बयान को लेकर देशभर के विभिन्न राज्यों में शिकायतें दर्ज करवाई गई थी। हालांकि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के हस्तक्षेप के बाद बाबा रामदेव ने अपना बयान वापस ले लिया था।

उधर इंडियन मेडीकल एसोसिएशन ने बाबा रामदेव को कानूनी नोटिस भेज माफी न मांगने पर एक हजार करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी थी।

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