प्रदूषण फैलाने वालों पर करें सख्त कार्रवाई, उपराज्यपाल ने अधिकारियों को दिए आदेश
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने निर्देश दिया है कि प्लास्टिक कचरे समेत कूड़े को जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, प्रदूषण फैलाने वाली जगहों की पहचान कर इसे रोकने के लिए जमीनी स्तर पर योजना तैयार हो। उपराज्यपाल बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण की समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान विशेषज्ञों ने माना कि पिछले साल की तुलना में इस साल वायु की गुणवत्ता में सुधार आया है। फिर भी हालात बेहतर रखने के लिए कोशिश जारी रखने की बात कही गई।
बैठक में दिल्ली सरकार के वन व पर्यावरण मंत्री इमरान खान, ईपीसीए अध्यक्ष भूरेलाल समेत दिल्ली सरकार व एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसमें बवाना, नरेला, आनंद विहार व नजदीकी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की समस्या की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान पर्यावरण सचिव ने संबंधित इलाकों में वायु प्रदूषण से जुड़े मसलों व इनकी रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों पर एक प्रजेंटेशन दिया, जबकि ईपीसीए अध्यक्ष ने दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले स्थलों व इकाइयों पर चर्चा की।
बैठक में विशेषज्ञों ने माना कि इस साल विशेष क्षेत्रों में बीते साल की तुलना में प्रदूषण में करीब 10 फीसदी की कमी आई है। साथ ही जोर दिया गया कि प्रदूषण रोकने के लिए हरसंभव जरूरी कदम उठाए जाएं।
पर्यावरण मंत्री ने ईपीसीए को लिखा पत्र
दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने बताया कि बैंक्वेट हॉल और सामुदायिक स्थलों पर इन-हाउस पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, पानी के दुरुपयोग, वायु एवं जल प्रदूषण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि से जुड़े मसलों के लिए नीति तैयार की जा रही है।
मुंडका, बवाना, नरेला, टीकरी जैसे क्षेत्रों से 35,000 हजार मीट्रिक टन रबर एवं प्लास्टिक अपशिष्ट को इकट्ठा कर निपटान के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भेजा गया है। बैठक में लिबर्टी सिनेमा से टीकरी बार्डर एवं जखीरा, पंजाबी बाग एवं पीरागढ़ी चौक के पास बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने ईपीसीए अध्यक्ष भूरेलाल को पत्र लिखकर मांग की है कि दिल्ली के वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों को निर्देश दें। इमरान हुसैन ने लिखा है कि दिल्ली सरकार अपनी तरफ से हरसंभव कोशिश कर रही है कि दिल्ली की आबोहवा साफ रहे, लेकिन भौगोलिक स्थिति की वजह से पड़ोसी राज्यों से होने वाले प्रदूषण का असर दिल्ली पर पड़ता है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश इसके लिए उपयुक्त कदम नहीं उठा रहे हैं। इमरान हुसैन ने गुजारिश की है कि ईपीसीए अध्यक्ष सुनिश्चित करें कि पड़ोसी राज्य नियमों को सही तरीके से लागू करें।