फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi CM Kejriwal soft stance on CAA and NRC causes trouble in AAP

दिल्ली: सीएए और एनआरसी पर केजरीवाल के नरम रुख से आप में खलबली

Sat, 04 Jan 2020 06:46 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Sat, 04 Jan 2020 06:46 PM IST
विज्ञापन
Delhi CM Kejriwal soft stance on CAA and NRC causes trouble in AAP
अरविंद केजरीवाल - फोटो : Social Media

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (आप) का शीर्ष नेतृत्व बेशक राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर संभलकर बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन पार्टी का एक धड़ा इसके खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाने के हक में है। यहां तक कि कुछ विधायक इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात कर रहे हैं।

विज्ञापन


कुछ विधायकों का मानना है कि एनआरसी और सीएए पर पार्टी की संभलकर चलने की रणनीति चुनावी नजरिए से घाटे का सौदा हो सकती है। इससे भाजपा विरोधी मतदाताओं के कांग्रेस से जुड़ने का खतरा भी है।
विज्ञापन


पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अभी तक एनआरसी और सीएए पर आप व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है। अलग-अलग फोरम पर केजरीवाल इन कानूनों पर उठने वाले सवालों को गैर जरूरी बताते हुए अर्थव्यवस्था, रोजगार, महंगाई जैसे मसलों की तरफ मोड़ देते हैं। फिर, सड़क पर विरोध करने वालों के साथ भी पार्टी अभी तक मजबूती के साथ खड़ी नहीं दिखी है। इससे पार्टी के एक धड़े में आशंका बन रही है कि इस तरह के रुख से दिल्ली चुनाव में आप को घाटा हो सकता है। भाजपा विरोधी वोटर कांग्रेस के साथ जाने की आशंका भी जाहिर की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे बचने के लिए पार्टी नेता विरोधी आंदोलनों में सक्रिय होने की सलाह दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आप के कुछ विधायकों की तो इस बारे में यहां तक राय है कि इस मसले पर दिल्ली विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। इसके लिए वह दूसरे विधायकों को भी राजी करने की अपने स्तर पर कोशिश कर रहे हैं।


उनका कहना है कि इस सत्र में न सिर्फ एनआरसी व सीएए की सख्त लहजे में निंदा की जाए, बल्कि दूसरे गैर भाजपा शासित राज्यों की तरह इसे दिल्ली में लागू न करने का प्रस्ताव भी पारित हो। इससे लोगों में संदेश जाएगा कि आप सीएए के खिलाफ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed