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दिल्ली चुनाव 2020: पांच सालों में दोगुनी हुई केजरीवाल की संपत्ति, 3.40 करोड़ के मालिक

Wed, 22 Jan 2020 01:08 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 22 Jan 2020 01:08 PM IST
सार

- नई दिल्ली सीट पर नामांकन के आखिरी दिन मचा घमासान
- पर्चा दाखिल करने कई दर्जन प्रत्याशी पहुंचे जामनगर हाऊस

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Delhi Election 2020: Delhi Chief Ministers assets increased by 50 percent in five years
arvind kejriwal - फोटो : पीटीआई

विस्तार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली सीट से नामांकन दाखिल कराया। उन्होंने एफिडेविट में अपनी कुल संपत्ति 3.40 करोड़ बताई है। बीते पांच सालों में केजरीवाल की संपत्ति में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।

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वर्ष 2015 के चुनाव में इनकी कुल संपत्ति 2.10 करोड़ रुपये थी, जिसमें 1.03 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। सीएम के पास 9.65 लाख रुपये की एफडी और नकद राशि है।
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वर्ष 2015 से अब तक इनकी अचल संपत्ति में कोई इजाफा नहीं हुआ है। इनके पास अचल संपत्ति 1.92 करोड़ रुपये के आसपास है। इसमें 1 करोड़ रुपये की संपत्ति पत्नी सुनीता केजरीवाल के नाम है।
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सुनीता के पास 57 लाख रुपये की नकदी व एफडी है। कुछ ही समय पहले सुनीता केजरीवाल ने सरकारी नौकरी से वीआरएस लिया था, जिसके बाद उन्हें 32 लाख रुपये मिले थे। 
 
केजरीवाल की संपत्ति 2020 2015
कुल संपत्ति 3.40 करोड़ रुपये 2.10 करोड़ रुपये
चल संपत्ति 9.65 लाख रुपये 2,26,005 लाख रुपये
अचल संपत्ति 1.92 करोड़ रुपये 1.92 करोड़ रुपये

छह घंटे हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद केजरीवाल ने किया नामांकन

दिल्ली विधानसभा चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पर्चा भरने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब छह घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से नामांकन दाखिल करने में सफल रहे।

दोपहर 12:30 बजे परिवार के साथ जामनगर हाउस स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंचे सीएम को टोकन नंबर 45 मिला था, लेकिन सीधे केंद्र में प्रवेश देने पर वहां पहले से अपनी बारी का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद केजरीवाल को वेटिंग रूम में इंतजार करना पड़ा। शाम 6:30 बजे वह नामांकन कर सके।

दरअसल, एक दिन पहले सोमवार को भी मुख्यमंत्री नामांकन दाखिल नहीं कर सके थे। रोड शो में भारी भीड़ की वजह से वह दोपहर तीन बजे तक जामनगर हाउस नहीं पहुंच सके थे।

मंगलवार को जब वह पर्चा भरने पहुंचे तो पुलिस ने वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत उन्हें अंदर प्रवेश कराया। इससे नाराज प्रत्याशियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच निर्वाचन अधिकारी को मौके पर आना पड़ा और उन्होंने प्रत्याशियों को शांत कराया। इनमें से कई डीटीसी के पूर्व कर्मचारी भी थे। इन प्रत्याशियों ने सीएम को घेर लिया।

किसी ने बस सेवा तो किसी ने बिजली बिलों को लेकर अपनी भड़ास निकाली। कोई कह रहा था कि हमें चुनाव नहीं जीतना, लेकिन सीएम को आम आदमी का दर्द बताने के लिए वे यहां तक पहुंचे हैं। कुछ वीडियो चैट के जरिये परिवारों को मुख्यमंत्री से मिला रहे थे।

किसी के पास प्रस्तावक नहीं, तो किसी के कागज अधूरे

एक ओर अरविंद केजरीवाल बाकी प्रत्याशियों के बीच घिरे बैठे थे तो कुछ ने उन्हें उलझाए रखने के लिए नायाब तरीके निकाले लिए। किसी के पास कागज पूरे नहीं थे तो किसी के पास प्रस्तावक भी नहीं था। ऐसे में वे फोन कर करके अपने कागज पूरे कर रहे थे। जब तक उनके कागज पूरे नहीं हुए तब तक आगे वाले का नंबर भी नहीं आया।

सोशल मीडिया पर गरमाया माहौल
निर्वाचन कार्यालय के अंदर की तस्वीरें जब बाहर आईं तो सियासी माहौल भी गरमा गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी सोशल मीडिया पर बीच  बीच में जानकारी साझा करते दिखे। उन्होंने ट्वीट किया, कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो पहली बार नामांकन कर रहे हैं। इसलिए वे उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। सीएम ने इन्हें अपने परिवार का सदस्य तक कहा। इस पर केजरीवाल के पुराने साथी कुमार विश्वास ने लिखा, परिवार, संस्कार, सरोकार जैसे शब्दों को तो बख्श दो अब। भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा ने कहा, जो लोग सीएम को घेर कर बैठे हैं। वे असल में आप के पुराने वालंटियर्स हैं। इससे पहले, मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज ने नामांकन में हुई देरी को भाजपा की साजिश बताया।

आयोग की बढ़ी टेंशन, कहां से लगाएंगे चिन्ह-मशीन
नई दिल्ली सीट पर करीब 70 के आसपास नामांकन दाखिल हो सकते हैं। ऐसे में चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इतने लोगों को चुनाव चिन्ह देना और मतदान के दिन ईवीएम का बंदोबस्त करा पाना काफी चुनौती भरा होगा।

कपिल मिश्रा की चल संपत्ति दोगुना से ज्यादा

मॉडल टाउन से भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा की कुल संपत्ति 50.10 लाख रुपये है। 32.97 लाख रुपये का बैंक कर्ज भी है। 2015 के चुनाव में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 45.99 लाख रुपये बताई थी। उस वक्त इनकी चल संपत्ति करीब 2 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर 4.87 लाख रुपये हुई है। इनके खिलाफ दो आपराधिक मामले भी न्यायालय में विचाराधीन हैं। 

बग्गा पर एक केस, 5.75 लाख कर्ज
हरी नगर सीट से भाजपा प्रत्याशी तेजिंदर सिंह बग्गा की कुल संपत्ति 18.90 लाख रुपये है। पेशे से कारोबारी बग्गा के नाम पर एक कार है। उनके नाम न जेवरात, न मकान है। इन पर 5.75 लाख रुपये का बैंक कर्ज भी बकाया है। इनके खिलाफ तीन आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। वहीं, एक मामले में कोर्ट ने इन्हें दोषी करार किया है। 

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