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Budget Delhi: धुंध से हरियाली तक, कंक्रीट का जंगल नहीं अब हरियाली का आंगन बनेगी दिल्ली; कचरे से होगी कमाई

Wed, 25 Mar 2026 02:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 25 Mar 2026 02:08 AM IST
सार

इस बार दिल्ली सरकार का हरित बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि प्रदूषण और कचरे जैसी बड़ी समस्याओं से सीधी लड़ाई का एलान है। सरकार ने सड़कों की सफाई से लेकर कचरे से ऊर्जा बनाने तक कई योजनाएं जमीन पर उतारने की तैयारी की है।

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Delhi Budget: Delhi to Become a Haven of Greenery; Revenue to be Generated from Waste
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : adobe stock

विस्तार

राजधानी साफ हवा और हरियाली की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस बार दिल्ली सरकार का हरित बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि प्रदूषण और कचरे जैसी बड़ी समस्याओं से सीधी लड़ाई का एलान है। सरकार ने सड़कों की सफाई से लेकर कचरे से ऊर्जा बनाने तक कई योजनाएं जमीन पर उतारने की तैयारी की है। खास बात यह है कि कचरे को बोझ नहीं, बल्कि संसाधन के रूप में देखा जा रहा है। अगर ये योजनाएं सही तरीके से लागू हुईं, तो आने वाले समय में दिल्ली की पहचान एक स्वच्छ और हरित शहर के रूप में हो सकती है।

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कुल बजट का 21.44 प्रतिशत यानी 22,236 करोड़ रुपये हरित बजट के लिए निर्धारित किया गया है। ऐसे में पर्यावरण और वन क्षेत्र के लिए बजट को बढ़ाकर 822 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष 505 करोड़ रुपये था। सरकार का कहना है कि हर नीति और हर फैसला अब लोगों और प्रकृति दोनों के हित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। प्रदूषण से निपटने के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना लाई जा रही है। इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, धुंध कम करने के उपाय और पानी का छिड़काव किया जाएगा। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए 204 करोड़ रुपये दिए गए हैं। साथ, ही निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक प्रणाली विकसित की जाएगी।
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गोबर के कचरे से बनेगी ऊर्जा, बढ़ेगी कचरा निपटान क्षमता
कचरा निपटान क्षमता को बढ़ाकर 15 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन करने की योजना है। इसके लिए नरेला, ओखला, गाजीपुर और तेहखंड में कचरे से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्रों का विस्तार किया जाएगा। पुराने कचरे में बड़ी कमी आई है। इसमें गाजीपुर में 16, भलस्वा में 54 और ओखला में 68 फीसदी कम हुआ है। रोजाना निकलने वाले गोबर जैसे कचरे से भी ऊर्जा बनाने की योजना है, जिससे प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा।
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हरियाली का आंगन बनेगी दिल्ली
दिल्ली सरकार का कहना है कि हरित बजट दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने का एक बड़ा कदम है। ऐसे में दिल्ली को कंक्रीट का जंगल नहीं बल्कि हरियाली का आंगन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार विश्व बैंक सहयोग के माध्यम से उन्नत तकनीकी समाधान और निगरानी प्रणाली लाने की दिशा में भी काम कर रही है।

ई-वाहन और ई-कचरा प्रबंधन पर जोर
दिल्ली सरकार अब केवल आज की समस्याओं को हल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय की तैयारी भी कर रही है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) की योजना भी शुरू की है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि शहर में स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण सुनिश्चित होगा। कार्बन क्रेडिट मोनेटाइजेशन स्कीम को भी आगे बढ़ाया है जिसके जरिये प्रदूषण कम करने वाले कदमों को आर्थिक मूल्य में बदला जाएगा। मजबूत मापन, रिपोर्टिंग और सत्यापन (एमआरवी) प्रणाली के जरिए स्कीम पर निगरानी रखी जाएगी। इससे नई तकनीकों और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और दिल्ली में स्थिरता और पर्यावरणीय सुरक्षा को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

35 लाख देसी पौधे और नए वन क्षेत्र होंगे विकसित
बजट में फॉरेस्ट डेवलपमेंट के लिए 130 करोड़ रुपये, वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन के लिए 44 करोड़ रुपये और दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन्स सोसाइटी के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस अवधि में पीपल, आम और नीम जैसे 35 लाख देसी पौधे लगाए जाएंगे और नए वन क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। सरकार ने मॉनिटरिंग और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी रखी है। इसके तहत एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी), वॉर-रूम ऑपरेशन, मोबाइल ऐप और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।


अब हर नीति और हर फैसला, लोगों और पर्यावरण के हित में होगा: मुख्यमंत्री, रेखा गुप्ता
इन निवेशों का लक्ष्य शहर में हरियाली बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। दिल्ली सरकार अब हर नीति और हर फैसला केवल विकास के लिए नहीं, बल्कि लोगों और पर्यावरण दोनों के हित में लिया जाएगा। इसका मतलब है कि दिल्ली की योजनाओं में स्वच्छ हवा, हरित क्षेत्र और प्रकृति की सुरक्षा को केंद्र में रखा जाएगा, ताकि शहर के नागरिकों को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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