{"_id":"6ae4978df161ac49cd036400","slug":"cunning-gang-that-ensnared-tamil-nadu-students-in-a-scholarship-scam-busted-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-2644-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: तमिलनाडु के छात्रों को स्कॉलरशिप के जाल में फंसाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: तमिलनाडु के छात्रों को स्कॉलरशिप के जाल में फंसाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश
विज्ञापन
- 54 हजार लोगों का डेटा बरामद, दो गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। पूर्वी जिला साइबर पुलिस ने उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु के छात्रों को चूना लगाने वाले एक साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो शातिरों को दबोच लिया है। आरोपियों की पहचान सचिन शर्मा और सुमित के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक ऐसा मोबाइल फोन बरामद किया है जिसमें शिकायतकर्ता समेत करीब 54 हजार लोगों के संपर्क नंबरों का गोपनीय डेटाबेस मौजूद है।
पूर्वी जिला डीसीपी राजीव कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि तमिलनाडु निवासी मुथु कुमार ने एनसीआरपी पर शिकायत दी थी। पीड़ित के मुताबिक उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप दिलाने का लालच देकर उनसे एक सितंबर को ऑनलाइन 17,989 रुपये ठग लिए गए थे। जांच में सामने आया कि ठगी की यह रकम बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में ट्रांसफर हुई थी जिसे पूर्वी दिल्ली के एक एटीएम से निकाला गया था।
बहन के खाते का इस्तेमाल कर निकाला था पैसा
पुलिस टीम ने जब बैंक खाते और एटीएम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो परत-दर-परत सच्चाई सामने आने लगी। जांच में पता चला कि बैंक खाता शिवानी शर्मा के नाम पर है लेकिन एटीएम से नकदी निकालते हुए जो युवक कैमरे में कैद हुआ वह उसका भाई सचिन शर्मा था। 17 अक्टूबर को दबोचे गए सचिन ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने महज 3 हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपनी बहन का एटीएम कार्ड और यूपीआई एक्सेस अपने साथी सुमित को सौंप दिया था। उसने एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले थे जबकि आठ हजार रुपये सुमित के बताए गए यूपीआई पते पर ट्रांसफर किए थे।
विज्ञापन
महिला मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
सचिन की निशानदेही पर पुलिस ने 21 अक्टूबर को त्रिलोकपुरी निवासी सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया। सुमित ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि छह अगस्त को एक परिचित महिला ने उसे व्हाट्सएप के जरिए 54,000 कॉन्टैक्ट्स की एक्सेल फाइलें भेजी थीं। यह शातिर महिला खास तौर पर उन तमिल भाषी परिवारों को निशाना बनाती थी जिनके बच्चों ने हाल ही में स्कूली पढ़ाई पूरी कर कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की थी। सुमित महिला के निर्देश पर ही इस डेटा का प्रिंटआउट उसके साथियों तक पहुंचाता था और ठगी की रकम मंगवाने के वास्ते सचिन के जरिए बैंक खातों का बंदोबस्त करता था। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की मुख्य महिला सूत्रधार और उसके अन्य साथियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। पूर्वी जिला साइबर पुलिस ने उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु के छात्रों को चूना लगाने वाले एक साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो शातिरों को दबोच लिया है। आरोपियों की पहचान सचिन शर्मा और सुमित के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक ऐसा मोबाइल फोन बरामद किया है जिसमें शिकायतकर्ता समेत करीब 54 हजार लोगों के संपर्क नंबरों का गोपनीय डेटाबेस मौजूद है।
पूर्वी जिला डीसीपी राजीव कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि तमिलनाडु निवासी मुथु कुमार ने एनसीआरपी पर शिकायत दी थी। पीड़ित के मुताबिक उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप दिलाने का लालच देकर उनसे एक सितंबर को ऑनलाइन 17,989 रुपये ठग लिए गए थे। जांच में सामने आया कि ठगी की यह रकम बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में ट्रांसफर हुई थी जिसे पूर्वी दिल्ली के एक एटीएम से निकाला गया था।
विज्ञापन
बहन के खाते का इस्तेमाल कर निकाला था पैसा
पुलिस टीम ने जब बैंक खाते और एटीएम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो परत-दर-परत सच्चाई सामने आने लगी। जांच में पता चला कि बैंक खाता शिवानी शर्मा के नाम पर है लेकिन एटीएम से नकदी निकालते हुए जो युवक कैमरे में कैद हुआ वह उसका भाई सचिन शर्मा था। 17 अक्टूबर को दबोचे गए सचिन ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने महज 3 हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपनी बहन का एटीएम कार्ड और यूपीआई एक्सेस अपने साथी सुमित को सौंप दिया था। उसने एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले थे जबकि आठ हजार रुपये सुमित के बताए गए यूपीआई पते पर ट्रांसफर किए थे।
विज्ञापन
महिला मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
सचिन की निशानदेही पर पुलिस ने 21 अक्टूबर को त्रिलोकपुरी निवासी सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया। सुमित ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि छह अगस्त को एक परिचित महिला ने उसे व्हाट्सएप के जरिए 54,000 कॉन्टैक्ट्स की एक्सेल फाइलें भेजी थीं। यह शातिर महिला खास तौर पर उन तमिल भाषी परिवारों को निशाना बनाती थी जिनके बच्चों ने हाल ही में स्कूली पढ़ाई पूरी कर कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया शुरू की थी। सुमित महिला के निर्देश पर ही इस डेटा का प्रिंटआउट उसके साथियों तक पहुंचाता था और ठगी की रकम मंगवाने के वास्ते सचिन के जरिए बैंक खातों का बंदोबस्त करता था। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की मुख्य महिला सूत्रधार और उसके अन्य साथियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।