दिल्ली के एक अस्पताल का वीडियो हुआ वायरल, सामने आया डॉक्टरों का शर्मनाक कारनामा
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केंद्र सरकार के बड़े अस्पतालों में शामिल नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रिश्वत लेकर मरीजों का इलाज करने का भंडाफोड़ हुआ है।
एक वीडियो के जरिये अस्पताल में मरीजों की जांच कराने के लिए कर्मचारी डील करते हुए दिखाई दे रहे हैं। 100 रुपये के एवज में मरीज की हर जांच बैक डोर से कराने की बात करने वाले कर्मचारी को ठेके पर नियुक्त बताया जा रहा है।
बहरहाल, मामला सामने आने के बाद बृहस्पतिवार सुबह आरएमएल प्रबंधन ने एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया। दरअसल, अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए बकायदा काउंटर खुले हैं।
सुबह 11 बजे के बाद जांच के लिए यहां नमूना नहीं लिया जाता। इसकारण मरीज को अगले दिन फिर से लाइन में लगना पड़ता है। मरीज की इसी मजबूरी का फायदा यहां के कर्मचारी उठा रहे हैं।
ये लोग भी रिश्वत लेने में आगे
डॉक्टरों की मानें तो इसमें अस्पताल के सुरक्षागार्ड, एमआर और कुछ पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं। ये लोग प्रति मरीज सौ से दो सौ रुपये लेकर पैथोलॉजी में जाकर नमूना जमा करा देते हैं। इतना ही नहीं, मरीज अगले दिन रिपोर्ट भी इन्हीं कर्मचारी से लेता है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके तिवारी ने बताया कि मरीजों से रिश्वत लेकर इलाज करना एकदम गलत है। प्रबंधन इसके खिलाफ है। जैसे ही उन्हें इस मामले की जानकारी हुई।
वीडियो की जांच के बाद दोषी कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों को चेतावनी भी दे दी गई है।
एमआर के प्रवेश पर फिर उठे सवाल
आरएमएल में इस घटना के बाद डॉक्टरों ने ही एमआर के प्रवेश पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर डॉक्टरों के केबिन तक पहुंचकर प्राइवेट कंपनियों की दवाओं का प्रचार करने वाले ये एमआर अस्पताल परिसर में मौजूद रहते हैं। यही मरीज को लेकर कर्मचारियों के पास पहुंचते हैं और पिछले दरवाजे से काम निकालने के लिए रकम मांगते हैं।