'संबंध बनाते समय नाबालिग थी लड़की'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हौजकाजी थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के मामले में दोषी असगर अली को सात साल कैद की सजा सुनाई।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
शुक्रवार को अदालत ने दोषी के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उसने पीड़ित से शादी कर ली थी।
छह साल तक किया रेप?
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 25 अप्रैल 2013 को दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। पीड़ित ने कहा था कि असगर उससे 18 अप्रैल 2007 से दुष्कर्म कर रहा है, जिसकी वजह से वह दो बार गर्भवती भी हो गई।
आरोपी ने किसी को बताने पर खोलने पर उसकी तस्वीरें इंटरनेट पर डालने की धमकी दी थी। पुलिस ने तीन दिन बाद 28 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित ने अपने बयान से मुकरते हुए कहा कि आरोपी और उसके बीच शारीरिक संबंध सहमतिपूर्ण थे। पिछले साल सितंबर में आरोपी ने उससे शादी कर ली थी।
'लड़की की सहमति से भी नहीं बना सकते संबंध'
पीड़ित ने कहा कि असगर उससे शादी नहीं कर रहा था, इसलिए उसने मुकदमा दर्ज करवाया था।
कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाते हुए कहा कि साक्ष्यों के मुताबिक पीड़ित की जन्म तिथि 10 अप्रैल 1993 है।
हालांकि 2007 को असगर और लड़की में सहमति से शारीरिक संबंध बने थे, लेकिन पीड़ित की सहमति कोई अहमियत नहीं रखती, क्योंकि वह उस समय नाबालिग थी।