दिल्ली में मुठभेड़ : बदमाशों ने ललकारा तो सिपाही ने बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां
फर्श बाजार इलाके में बुधवार दोपहर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से अफरातफरी मच गई। विश्वास नगर की नेहरू गली में बाइक सवार बदमाशों को फर्श बाजार थाने में तैनात सिपाही ने ललकारा तो उसने गोली चला दी।
जवाबी कार्रवाई में सिपाही की गोली एक बदमाश की दोनों टांगों में लगी, वहीं तीसरी गोली उसके हाथ को छूते हुए निकल गई। जबकि दूसरा बदमाश सरदार मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मोनू (24) के रूप में हुई है।
घायल बदमाश को हेडगेवार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा व ड्यूटी के दौरान हमला करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि 24 नवंबर को फर्श बाजार इलाके में दोनों बदमाशों ने लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों की शक्ल सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। फर्श बाजार थाने में तैनात सिपाही विवेक कुमार नेहरू गली में पेट्रोलिंग कर रहा था।
बदमाश यामाहा की एफजेड बाइक पर सवार थे
दोपहर 1.00 बजे उसने लूट करने वाले दोनों बदमाशों को पहचान लिया। बदमाश यामाहा की एफजेड बाइक पर सवार थे। विवेक ने दोनों को रोका तो बाइक पर पीछे बैठे मोनू ने विवेक पर तमंचे से गोली चला दी। जवाब में विवेक ने सर्विस पिस्टल से एक के बाद एक तीन गोलियां बदमाशों पर चलाईं।
दोनों गोली मोनू के घुटने से नीचे लगी, जबकि तीसरी गोली उसके हाथ को छूते हुए निकल गई। अचानक चली गोली से वहां भगदड़ मच गई और इसका फायदा उठाकर मोनू का दूसरा साथी सरदार मौके से फरार हो गया।
घटनास्थल से पुलिस को बदमाशों की एक बाइक, तमंचा बरामद हुआ है। मोनू लूटपाट, झपटमारी और हत्या के प्रयास के 13 मामलों में शामिल रहा है। वह परिवार के साथ फारूख नगर, लोनी, गाजियाबाद में रहता है।
काम आई विवेक की सतर्कता और बहादुरी, मिलेगा इनाम
शाहदरा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विवेक की बहादुरी को सलाम कर रहे हैं। उसने मुठभेड़ में किसी आम जन को नुकसान नहीं होने दिया। शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद का कहना है कि विवेक ने बड़ी समझदारी व सतर्कता दिखाते हुए बदमाश को काबू किया।
यहां तक कि उसने बदमाशों की जान की भी परवाह कर उनके घुटनों से नीचे गोली मारी, यह बाकी पुलिसकर्मियों के लिए मिसाल है। संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव व पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि विवेक की बहादुरी के लिए उसे उचित इनाम दिया जाएगा।
जेल में हुई थी सरदार से मुलाकात...
मोनू ने खुलासा किया है कि वह साथी सरदार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे रहा था। 24 नवंबर को हुई लूटपाट में सरदार ही उसके साथ था। दोनों की मुलाकात कुछ माह पूर्व यूपी के जेल में हुई थी।
एक माह पूर्व दोनों जेल से बाहर आए थे। इसके बाद वह लगातार झपटमारी और लूट की वारदात को अंजाम दे रहा था।