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जेल में इकलाख हत्याकांड के आरोपियों की पिटाई
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 18 May 2017 09:42 AM IST
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लुक्सर जेल में बिसाहड़ा गांव में हुए इकलाख हत्याकांड के आरोपियों की पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैरक से निकलने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद जेल प्रशासन ने बैरक से निकालकर दो भाई हरिओम व शिवओम को पीट दिया। वहीं, बीचबचाव करने आए छह आरोपियों को भी मामूली चोट आई हैं।
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इकलाख हत्याकांड के 11 आरोपी लुक्सर जेल में बंद हैं, इन्हें अलग बैरक में रखा हुआ है। आरोप है कि बुधवार को बैरक से निकलने को लेकर शिवओम व हरिओम का बैरक में तैनात सिपाही से विवाद हो गया। सिपाही ने हरिओम को थप्पड़ मार दिया। इसके विरोध में जेल में बंद युवकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की सूचना जेल अधीक्षक विक्रम यादव को दी गई। जेल अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों के साथ शिवओम व हरिओम को लाठी-डंडों से पीट दिया।
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इससे शिवओम के सिर व हरिओम के हाथ में चोट आई है। बीचबचाव में आए छह आरोपियों को भी पीटा गया। दोनों भाइयों को जेल प्रशासन नोएडा के जिला अस्पताल लेकर आया जहां उपचार के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई। वहीं, इस मामले में जेल अधीक्षक एमएल यादव से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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पिता ने कहा, सुरक्षित नहीं जेल में युवक
जेल में पिटाई से बिसाहड़ा गांव के लोगों में फिर से आक्रोश है। आरोपी भीम के पिता ओमप्रकाश का कहना है कि सपा सरकार में उन पर अत्याचार हुए हैं। अब योगी सरकार में भी जेल में बंद युवक सुरक्षित नहीं हैं। रवि की मौत के मामले में भी जेल में पिटाई होने का आरोप लगा था।
सपा कार्यकाल में रहे अफसरों को हटाने की मांग
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री वेद नागर ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना है कि कुछ अधिकारी सपा सरकार के कार्यकाल के हैं व पूर्व सरकार की मानसिकता सोच के अनुकूल कार्य कर रहे हैं। यह अधिकारी योगी सरकार की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।