दिल्ली में कोरोना वायरस के 1025 नए मामले, 32 लोगों की मौत
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दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 1025 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 32 लोगों की मौत हो गई है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1,28,389 हो गई है। दिल्ली में शुक्रवार को 1866 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। राजधानी में अब तक कुल 1,10,931 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से दिल्ली में अब तक कुल 3777 मरीजों की मौत हो चुकी है। राजधानी में अभी कुल 13681 सक्रिय मामले हैं।
5328 RTPCR/CBNAAT/TrueNat tests and 13,810 Rapid antigen tests conducted today. A total of 9,08,735 tests have been done so far: Government of Delhi https://t.co/I5FV3kJ13N
— ANI (@ANI) July 24, 2020विज्ञापन
दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि शुक्रवार को दिल्ली में 5328 आरटी-पीसीआर जांच और 13810 रैपिड एंटीजन जांच की गई हैं। राजधानी में अब तक कोरोना वायरस की कुल 9,08,735 जांच की गई हैं। दिल्ली में अभी कंटेनमेंट जोन की कुल संख्या 702 हो गई है।
एम्स में शुरू हुआ कोरोना वैक्सीन का मानव परीक्षण
एम्स में आज से भारत में बनी कोरोना की वैक्सीन COVAXIN का मानव परीक्षण शुरू हो गया है। इसका पहला डोज एक 30 वर्षीय व्यक्ति को दिया गया है। जिस व्यक्ति को वैक्सीन दी गई है, उसमें कोई दुष्परिणाम नहीं आए हैं। करीब 1:30 बजे वैक्सीन दी गई थी। 2 घंटे निगरानी करने के बाद व्यक्ति को उसके घर भेज दिया गया है।
एम्स के वैक्सीन विभाग के प्रमुख डॉ. संजय राय ने बताया कि आज सिर्फ एक व्यक्ति पर ही ट्रायल किया गया है। उसे घर जरूर भेज दिया है लेकिन अगले सात दिनों तक वह डॉक्टरों की निगरानी में ही रहेगा। बाकी छह लोगों को शनिवार को बुलाया गया है।
राय ने बताया कि दिल्ली निवासी पहले व्यक्ति की दो दिन पहले जांच की गई थी और उसके सभी स्वास्थ्य मानदंड सामान्य रेंज में पाए गए। उसे कोई अन्य बीमारी भी नहीं है। इंजेक्शन से 0.5 मिलीलीटर की पहली डोज उसे दोपहर 1.30 बजे के आसपास दी गई। अभी तक कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखाई दिया है। वह दो घंटे तक देखरेख में है और अगले सात दिन उस पर निगरानी रखी जाएगी। क्लीनिकल परीक्षण में शामिल कुछ और प्रतिभागियों की स्क्रीनिंग रिपोर्ट आने के बाद शनिवार को उन्हें टीका लगाया जाएगा।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने ‘कोवेक्सिन’ के पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए एम्स समेत 12 संस्थानों को चुना है। पहले चरण में 375 लोगों पर परीक्षण होगा और इनमें से अधिकतम 100 एम्स से होंगे।
राय के अनुसार दूसरे चरण में सभी 12 संस्थानों से मिलाकर कुल करीब 750 लोग शामिल होंगे। पहले चरण में टीके का परीक्षण 18 से 55 साल के ऐसे स्वस्थ लोगों पर किया जाएगा जिन्हें अन्य कोई बीमारी नहीं है। एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के अनुसार दूसरे चरण में 12 से 65 साल की उम्र के 750 लोगों पर यह परीक्षण किया जाएगा।