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कोरोना टीके का परीक्षण अंतिम चरण में, जीटीबी और एम्स में चल रहा है काम
Sat, 12 Dec 2020 05:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Dec 2020 05:51 AM IST
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भारत में कोरोना वैक्सीन
- फोटो : iStock
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दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में कोरोना के टीके का परीक्षण अब अंतिम चरण में है। जानकारी के अनुसार दिल्ली एम्स और जीटीबी अस्पताल में भारत बायोटेक के कोवैक्सीन का परीक्षण अंतिम चरण में चल रहा है। इस दौरान एक व्यक्ति को टीके की दो डोज देनी है। ज्यादातर लोगों को एक डोज दी जा चुकी है। इसी माह के अंत में दूसरी डोज का टीकाकरण शुरू होगा। डॉक्टरों के अनुसार दोनों डोज में कम से कम 28 दिन का अंतराल जरूरी है।
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दिल्ली एम्स के डॉ. संजय राय का कहना है कि अंतिम चरण के तहत कोवैक्सीन पर काम चल रहा है। अधिकतर लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है। अभी तक कोई साइड इफेक्ट का पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि भारत बायोटेक ने आपात कालीन इस्तेमाल के लिए भारत सरकार से अनुमति मांगी है।
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हालांकि, उसका परीक्षण से कोई लेना देना नहीं है। कोवैक्सीन पर अंतिम चरण का परीक्षण ऐसे ही चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि 28 व 42 और फिर 100 दिन पूरे होने तक निगरानी रखी जाएगी। इसके बाद लाइसेंस मिलने पर पोस्ट मार्केटिंग अध्ययन होगा कि जिन लोगों ने टीका लगवाया है उनमें कोई गलत असर तो नहीं मिल रहा है।
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वहीं दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि परीक्षण के तहत उनके यहां अभी तक 70 फीसदी लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है। अगले सप्ताह तक यह काम पूरा होने के बाद 20 दिसंबर के बाद से दूसरी डोज देने पर काम शुरू होगा।
दिल्ली में तीन हजार लोगों को दिया गया टीका
दरअसल दिल्ली के अलावा देश के 10 राज्यों के 25 अस्पतालों में स्वदेशी टीका का परीक्षण अंतिम चरण में चल रहा है। इसके तहत दिल्ली में दोनों अस्पतालों को मिलाकर करीब तीन हजार लोगों को टीका दिया जा रहा है। जबकि सभी केंद्र को मिलाकर करीब 28 हजार लोगों को परीक्षण में शामिल किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार आधे लोगों को टीका की डोज दी जा रही है जबकि बाकी आधे लोगों को टीके की ही तरह दिखाई देने वाले सामान्य तरल पदार्थ दिया जा रहा है।
अध्ययन के दौरान दोनों तरह के समूह के बीच तुलना की जा सके। स्वदेशी टीके के परीक्षण में अब तक के परिणाम उत्साहजनक बताए जा रहे हैं। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के साथ मिलकर कोरोना का पहला स्वदेशी टीका को-वैक्सीन नाम से तैयार किया है।
कोल्ड चैन पर काम लगभग पूरा
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस के टीकाकरण को लेकर कोल्ड चेन स्तर पर काम लगभग पूरा हो चुका है। ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरा होने जा रही हैं। यही से दिल्ली के सभी 11 जिलों में टीका उपलब्ध कराया जाएगा।