रात की ड्यूटी लेकर सो जाते हैं दरोगा बाबू
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रात में पांच पुलिसकर्मी के जिम्मे रहती है थाने और इलाके की सुरक्षा! चौंकिए नहीं राजधानी के थानों की यह सच्चाई है।
पुलिस के आला अधिकारियों के पश्चिम जिला के थानों में औचक निरीक्षण करने के दौरान यह बात सामने आई है। पश्चिम दिल्ली जिला के कई ऐसे थाने हैं, जहां पुलिसकर्मी रात की ड्यूटी लेकर इलाके में गश्त करने के बजाय अपने घरों में जाकर सो जाते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने ड्यूटी से नदारद रहने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस दिया है और उन्हें पंद्रह दिन में इसका जवाब देने को कहा है।
औचक नीरीक्षम में सामने आई बात
राजधानी में सुरक्षा को लेकर जब भी सवाल उठते हैं, दिल्ली पुलिस की ओर से स्टाफ की कमी का रोना रोया जाता है। लेकिन 87 हजार फोर्स वाली दिल्ली पुलिस राजधानी के लोगों को किस तरह सुरक्षा प्रदान कर रही है, इसका उदाहरण पश्चिम जिला में देखने को मिला।
पुलिस
अधिकारियों के अनुसार थाने में औसतन 100 से 120 का स्टाफ होता है। इसमें
से 25 फीसदी यानी 25 से 30 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रात में लगाई जाती है।
इसमें दस फीसदी स्टाफ इमरजेंसी ड्यूटी पर होता है और करीब इतना ही स्टाफ
थाने के रुटीन कार्यों पर लगाया जाता है। बाकी स्टाफ को थाने के बीटों पर
गश्त के लिए भेजा जाता है। एक थाने के अंतर्गत करीब 8 से 10 बीट
होती हैं और हर बीट पर कम से कम एक पुलिसकर्मी तैनात होता है।
इस
तरह की शिकायत मिली थी, उन पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। उम्मीद है कि
थाने में तैनात पुलिसकर्मियों से आगे इस तरह की शिकायत नहीं मिलेगी।