CJP प्रोटेस्ट के हर वीडियो की जांच!: बच्ची पर हमला और महिला की मौत जैसी 15 अफवाहें फर्जी, जानें क्या कहा
दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद से कम से कम 15 फर्जी खबरों और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का खंडन किया है। पुलिस की तथ्य-जांच टीमें सैकड़ों वायरल वीडियो और पोस्ट का विश्लेषण कर रही हैं।
विस्तार
दिल्ली पुलिस अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हर वीडियो की जांच में जुट गई है। बीते दिन विरोध प्रदर्शन के बाद से कम से कम 15 फर्जी खबरों और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का खंडन किया है। पुलिस की फैक्ट-चेक टीमें सैकड़ों वायरल वीडियो और पोस्ट का विश्लेषण कर रही हैं। इसका उद्देश्य उनके स्रोत का पता लगाना और गलत सूचना फैलाने वालों की पहचान करना है।
खंडन में 12 साल की लड़की और एक महिला प्रदर्शनकारी पर पुलिस द्वारा हमला करने के दावे शामिल हैं। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके की हिरासत, लाठीचार्ज के बाद भगदड़ में एक लड़की की मौत की खबरें भी फर्जी पाई गईं।
पुलिसकर्मियों द्वारा पेलेट गन या कील लगी लाठियों के इस्तेमाल के दावे भी गलत साबित हुए। पुलिस और सीजेपी के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारियों ने नीट के मुद्दे पर संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया है। दिल्ली पुलिस पर क्रूरता के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों के कई वीडियो सामने आए थे। पुलिस के अनुसार, सोमवार से प्रसारित कई दावे झूठे, भ्रामक या पुराने पाए गए। पुलिस ने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इनका खंडन जारी किया है।
फर्जी ऑडियो क्लिप की जांच
जांचकर्ता एक वायरल ऑडियो क्लिप की भी जांच कर रहे हैं। इसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आवाज कथित तौर पर बदली गई थी। अधिकारी की शांति बनाए रखने की मूल अपील को पाकिस्तान-आधारित हैंडलर ने बदल दिया था। उन्होंने इसमें मनगढ़ंत ऑडियो डाला था। पुलिस ने इस क्लिप को पूरी तरह फर्जी बताया है और इसका खंडन किया है।
दिल्ली पुलिस की फैक्ट चेक टीम कर रही जांच
दिल्ली पुलिस ने एक फैक्ट-चेक टीम बनाई है। यह टीम विरोध प्रदर्शन से संबंधित हर वायरल वीडियो, तस्वीर और ऑडियो क्लिप की जांच कर रही है। टीम हर वीडियो के स्रोत की पुष्टि करती है और डिजिटल फुटप्रिंट्स का विश्लेषण करती है। पुलिसकर्मी पर हमलों, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान दिखाने वाले वीडियो का भी विश्लेषण हो रहा है। इन वीडियो का सीसीटीवी फुटेज और एआई-आधारित कैमरा इनपुट से मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जानबूझकर गलत जानकारी बनाने, बदलने या प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।