आखिर कौन बिगाड़ना चाहता है बिसाहड़ा का सांप्रदायिक सौहार्द्र
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क्या दादरी के पास बिसाहड़ा में इकलाख की हत्या अचानक हुई घटना थी, या किसी ने इसकी सोच समझकर साजिश रची थी?
इसका पता तो जांच से ही लगेगा जिसकी जिम्मेदारी एसटीएफ को दी गई है लेकिन इतना तय है कि इस घटना के बाद राजनीतिक लाभ लेने के खूब प्रयास हुए।
प्रशासन बिसाहड़ा से संभल पाता तो दादरी के पास चिटहैरा गांव में पशु के अवशेष फेंक दिए गए। ऐसी ही घटना दनकौर के पास हुई। सवाल उठता है यह सब कौन करा रहा है।
हो सकता था और बड़ा हादसा!
गौतमबुद्धनगर जिले की खुफिया एजेंसी ने डीएम को बिसाहड़ा कांड को लेकर रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें जिक्र था कि ’उधर भी चलो’। रिपोर्ट में इसका इशारा एक धर्म स्थल की ओर था।
यह भी सच है कि बिसाहड़ा के पास धौलाना (हापुड़), मसूरी, डासना (गाजियाबाद) और गुलावठी (बुलंदशहर) में बड़ी संख्या में मुसलिम आबादी है। अगर ऐसा था तो यह बड़ी साजिश की ओर इशारा था लेकिन जिलाधिकारी एन.पी. सिंह जब खुद मौके पर गए तो उन्हें इसमें कोई सच्चाई नजर नहीं आई।
यह भी सच है कि 28 सितंबर की रात को घटना हुई तो सिर्फ एक ही परिवार को निशाना बनाया गया था। प्रशासन और पुलिस ने उस समय घटना को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन 29 को जैसे ही राजनीति शुरू हुई माहौल एकदम बदल गया।
किसने क्या कहा?
प्रशासन सही ढंग से लोगों को यह नहीं बता पाया कि आखिर उस रात को क्या हुआ था। आइये जानते हैं इस पर राजनीतिक वर्ग की क्या राय है-
क्षेत्र का विधायक होने के नाते घटना होने के बाद सबसे पहले 29 सितंबर को मैं ही बिसाहड़ा गया था। पीड़ित परिवार को सांत्वना दी थी और कहा था कि मदद की जाएगी। लेकिन वहां पर कई राजनीतिक लोग ऐसे पहुंच गए जिन्होंने घटना को तूल दिया और माहौल खराब करने का काम किया। जबकि क्षेत्र का इतिहास रहा है कि इस तरह की बात कहीं नहीं आई। कई गांव ऐसे हैं जहां पर चंद मुसलिम परिवार कई वर्षों से साथ-साथ रहते आए हैं।-सत्यवीर गुर्जर, बसपा नेता और दादरी विधायक
गौतमबुद्धनगर का पहला सांसद रह चुका हुं। हर गांव के बारे में जानकारी है। घटना के बाद गांव में जाकर दोनों पक्षों से बात की थी और शासन को अवगत करा दिया था। इतना ही नहीं गोली से घायल राहुल यादव से मिलने गया और मुख्यमंत्री से बात करके पांच लाख की आर्थिक मदद की घोषणा कराई थी। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। क्षेत्र में शांति रहे, इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है।-सुरेंद्र सिंह नागर, पूर्व सांसद और सपा के वरिष्ठ नेता
बिसाहड़ा में जिस रात घटना हुई थी तो उसके बारे में खुफिया विभाग ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कहा था कि घटना मेें शामिल कुछ लोग यह रह रहे थे कि ‘उधर भी चल्रो’। इसके कई मायने हो सकते हैं। मैंने स्वयं जाकर लोगों से बात की थी लेकिन वहां ऐसी किसी बात में सच्चाई नहीं पाई गई हैं। प्रशासन और शासन की तरफ से पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं पुलिस की गोली से घायल युवक की भी मदद की गई है।-एनपी सिंह, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर