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चीन ने तैयार की दुनिया की सबसे छोटी स्मार्ट डिवाइस, नोट करेगा सांस के साथ फेफड़ों की ये हरकत

Mon, 25 Feb 2019 07:41 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Mon, 25 Feb 2019 07:41 AM IST
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China created the world smallest smart device for lung movements and breath
device
अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों के लिए छोटा रोबोट बड़ी सहूलियत दे सकता है। चीन ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो नेबुलाइजर और स्पायरो मीटर का काम करता है। इस छोटे से उपकरण को यूएस एफडीए से मंजूरी मिलने के बाद भारत लाया गया है। तीन दिन से दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल फेयर में इसे पेश भी किया गया। इस दौरान नेबुलाइजर के और भी छोटे-छोटे डिवाइस मौजूद थे, जिन्हें चीन ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर तैयार किया है। इनकी कीमतें 40 से 60 यूएस डॉलर यानि करीब 2800 से 4200 रुपये रखी है। 
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चीन की यिर्डोक कंपनी के प्रतिनिधि बांग की ने बताया कि अभी तक नेबुलाइजर और स्पायरो मीटर के लिए अलग-अलग उपकरण उपलब्ध हैं। दोनों ही उपकरण अस्थमा और सीओपीडी मरीजों के लिए जरूरी हैं। इसलिए एनएएस स्मार्ट अस्थमा रोबोट को तैयार किया है, जिसकी कीमत करीब 60 यूएस डॉलर यानि 4200 रुपये रखी गई है। इन उपकरणों को इंटेलिजेंट मेस नेबुलाइजर, पोर्टेबल मेस नेबुलाइज, स्मार्ट अस्थमा एआई नाम दिए हैं। उन्होंने बताया कि मरीज नेबुलाइजर और स्पायरो मीटर का इस्तेमाल आसानी से कर सकता है। रोबोट में दोनों के लिए ही विकल्प हैं। बांग की का कहना है कि अभी तक चीन ने ही दुनिया में पहला ऐसा रोबोट विकसित किया है। 
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मोबाइल में गेम खेलते हुए कर सकेंगे इस्तेमाल
चीन ने ऐसे छोटे रोबोट विकसित किए हैं, जिन्हें मोबाइल फोन से एप के जरिए जोड़ा जा सकता है। अगर किसी को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत है और उसके फेफड़ों की सक्रियता भी लगातार कम हो रही है तो ऐसे में वह नेबुलाइजर और मोबाइल गेम का इस्तेमाल करते हुए सक्रियता को बढ़ा सकता है। दरअसल, अस्पतालों में फेफड़ों की सक्रियता का पता लगने या हार्ट ऑपरेशन के बाद सक्रियता बढ़ाने के लिए मरीज को तीन या चार गेंद वाला बॉक्स दिया जाता है, जिसे फूंक के जरिए सभी गेंद को उठाना पड़ता है। सभी गेंद उठने का संकेत है कि फेफड़े सामान्य हो रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया को चीन ने मोबाइल गेम का रूप दिया है। 
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ऐसा है छोटा रोबोट
1.96 इंच की डिस्प्ले वाले इस छोटे रोबोट में चॉर्जिंग के लिए लिथियम बैटरी है। ब्लूटूथ के जरिए इसे मोबाइल फोन से जोड़ा जा सकता है। ताकि मोबाइल एप पर टेस्ट से जुड़ी तमाम जानकारी सुरक्षित रह सकें। करीब 6 घंटे तक नेबुलाइजर का इस्तेमाल करने की बैटरी क्षमता है। रोबोट में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिसके तहत पीईएफ/एफईवी1/एफवीसी के सभी छह मानकों पर फेफड़ों की सक्रियता को आंकती है। इसमें एक माइक्रो फैन (पंखा) भी लगा है, जिसका इस्तेमाल स्पायरो मीटर के लिए होता है।
 
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