{"_id":"06a63f7824b3d3b36aa31f9c2a4f839a","slug":"child-abduction-demanded-a-ransom-of-15-million","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चे का अपहरण कर 15 लाख की फिरौती मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चे का अपहरण कर 15 लाख की फिरौती मांगी
अमर उजाला, मुरादनगर
Updated Sun, 09 Mar 2014 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कनौजा में घर के बाहर खेल रहे चार साल के मासूम रूद्रांश का शुक्रवार शाम अपहरण हो गया। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को फोन करके मासूम को छोड़ने की एवज में 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी है।
एसओ आरपी शर्मा ने बताया कि देवेंद्र शर्मा गाजियाबाद स्थित आंचल इंडिया वर्कशाप के कनौजा हाउस स्थित गोदाम में सामान लाने और ले जाने का काम करते हैं। गांव में करीब दो बीघा जमीन है।
परिवार में पत्नी गीता, बेटे रूद्रांश(4) दिवांश (1) हैं। रूद्रांश कनौजा मार्ग स्थित हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है। देवेन्द्र ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम करीब छह बजे रूद्रांश घर के बाहर खेल रहा था। रात साढे़ सात बजे रूद्रांश को घर नहीं पाकर तलाश की गई।
विज्ञापन
रात में करीब एक बजे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। परिजनों की मानें तो शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आए फोन पर कहा गया है कि रूद्रांश हरिद्वार में उनके कब्जे में है। छोड़ने के एवज में 15 लाख देने होंगे। एसओ आरपी शर्मा का कहना है कि सर्विलांस के जरिये जांच की जा रही है। पीड़ित देवेंद्र ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई है।
मां बोली- मैं जान दे दूंगी
रूद्रांश की मां गीता का रोकर बुरा हाल है। बार-बार रोकर कह रही है कि उसके लाल को कहीं से कैसे भी लेकर आओ, वरना मैं अपनी जान दे दूंगी।
विज्ञापन
एसओ आरपी शर्मा ने बताया कि देवेंद्र शर्मा गाजियाबाद स्थित आंचल इंडिया वर्कशाप के कनौजा हाउस स्थित गोदाम में सामान लाने और ले जाने का काम करते हैं। गांव में करीब दो बीघा जमीन है।
विज्ञापन
परिवार में पत्नी गीता, बेटे रूद्रांश(4) दिवांश (1) हैं। रूद्रांश कनौजा मार्ग स्थित हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है। देवेन्द्र ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम करीब छह बजे रूद्रांश घर के बाहर खेल रहा था। रात साढे़ सात बजे रूद्रांश को घर नहीं पाकर तलाश की गई।
विज्ञापन
रात में करीब एक बजे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। परिजनों की मानें तो शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आए फोन पर कहा गया है कि रूद्रांश हरिद्वार में उनके कब्जे में है। छोड़ने के एवज में 15 लाख देने होंगे। एसओ आरपी शर्मा का कहना है कि सर्विलांस के जरिये जांच की जा रही है। पीड़ित देवेंद्र ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई है।
मां बोली- मैं जान दे दूंगी
रूद्रांश की मां गीता का रोकर बुरा हाल है। बार-बार रोकर कह रही है कि उसके लाल को कहीं से कैसे भी लेकर आओ, वरना मैं अपनी जान दे दूंगी।