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ट्रैफिक चालान संबंधी याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार करे विचार: हाईकोर्ट
Tue, 15 Dec 2020 09:03 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 15 Dec 2020 09:03 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
हाईकोर्ट ने ट्रैफिक चालान जारी करने के तरीके को दोषपूर्ण बताने वाली जनहित याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार को विचार करने के लिए कहा है। जनहित याचिका में मोटर वाहन अधिनियम 2019 में चालान जारी करने के तरीके को मनमाना एवं दोषपूर्ण बताया गया है। इस पर प्रतिवेदन के रूप में सरकार को विचार करने के लिए कहा गया है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की खंडपीठ ने अपने निर्देश में कहा केंद्र व दिल्ली सरकार इस याचिका में उठाए गए मुद्दों, शिकायतों पर कानून के अनुरूप विचार कर समाधान करे। याचिका पर प्रतिवेदन के रूप में विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए। यह कहते हुए खंडपीठ ने अधिवक्ता सोनाली करवासरा की याचिका का निपटारा कर दिया।
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याचिका में दावा किया गया था कि बिना किसी भरोसेमेंद तकनीक के ही चालान जारी किए जा रहे हैं। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर निगरानी के लिए प्रयोग होने वाली तकनीक के मानकीकरण की आवश्यकता है। इसके अलावा पुरानी व अप्रचलित तकनीक के कारण इस कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने में भी कई खामियां हैं।
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याची ने आरोप लगाया कि ऐसे कई मामलों में जिनमें खराब उपकरणों के कारण भारी जुर्माना लगाया गया लेकिन बाद में इसे वापस लिया गया। ऐसा ही मामला कोरोना लॉकडाउन में अगस्त से 10 अक्तूबर 2020 के बीच एनएच-24 पर ओवर स्पीडिंग के 1.57 लाख से चालान जारी करने का है। गति सीमा उल्लंघन, ड्रंकन ड्राइविंग की जांच करने वाले तकनीके बदलते समय के अनुरूप नहीं हैं।