सीएनजी के दाम बढ़ने पर विरोध: कैब-ऑटो चालकों ने जंतर-मंतर पर किया प्रदर्शन, दी ऐसी चेतावनी, बढ़ सकतीं है मुश्किलें
सीएनजी की बढ़ी कीमत को लेकर कैब-ऑटो चालकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। अपनी मांगों के समर्थन में चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो 18 अप्रैल को हड़ताल करेंगे। चेतावनी दी है कि बाद में यह अनिश्चितकालीन भी हो सकता है।
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सीएनजी की बढ़ती कीमत से दिल्ली में कैब और टैक्सी में सफर करने वालों की परेशानी बढ़ सकती है। हो सकता है कि कैब में बगैर एसी के सफर करना पड़े। चढ़ते पारा के बीच कीमतें कम होने तक चालकों ने वाहनों में ए.सी बंद रखने का एलान किया है। इससे यात्रियों को सफर में गर्मी का सामना करना पड़ेगा। एसी बंद किए जाने से टैक्सी-कैब चालकों पर वित्तीय बोझ थोड़ा कम होगा। शुक्रवार को जंतर मंतर पर अपनी मांगों के समर्थन में चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो 18 अप्रैल को हड़ताल करेंगे। बाद में यह अनिश्चितकालीन भी हो सकता है।
जंतर मंतर पर अपनी मांगों के समर्थन में हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे प्रतिनिधियों ने अपनी मांगे उठाई। सर्वोदय ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि राठौर ने मांग की कि सरकार को सीएनजी की कीमत कम करने चाहिए या किराया में बढ़ोतरी। राठौर ने कहा कि सीएनजी की कीमत करीब 70 रुपये प्रति किलोग्राम है, लेकिन पिछले करीब 7-8 साल ऑटो, कैब का किराया पुराना ही है। आसमान छू रहीं सीएनजी की कीमत के कारण पुराने किराये पर वाहनों को चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। अगर किराया में वृद्धि नहीं की जाती है या सीएनजी की दरें नहीं घटाई जाती हैं तो 18 से दिल्ली-एनसीआर के संगठन हो सकता है अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ जाएं। राठौर ने दावा किया कि दिल्ली-एनसीआर में करीब चार लाख ऑटो, कैब और टैक्सी चालक हैं। हालांकि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान भी दिल्ली की अधिकतर सड़कों पर रोजाना की तरह टैक्सी, कैब और ऑटो का संचालन किया गया।
एक महीने में सीएनजी की कीमत में 13 रुपये का इजाफा
पिछले एक महीने के दौरान सीएनजी की कीमत में 13.1 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। इससे कैब, ऑटो और टैक्सी चालकों की आय पर विपरीत असर पड़ा है। पहले अगर एक ड्राइवर रोजाना 1500 रुपये कमाता था तो उसे करीब 900 रुपये मिलते थे। इसमें सीएनजी, मेंटीनेंस सहित दूसरे काम करने के बाद भी 500 रुपये से अधिक की बचत होती थी अब दो सौ रुपये भी पूरे दिन में नहीं बच रहे हैं। इसका असर सभी परिवारों पर भी पड़ने लगा है।
ये हैं मुख्य मांगें
- -ऑटो, टैक्सी और कैब के लिए नए सिरे से तय हो किराया
- -सीएनजी की दरें कम करे सरकार-
- -कैब कंपनियां कम करें कमीशन, किराये में वृद्धि
- -खाली वाहन होने पर न लगाया जाए टोल टैक्स
दिन भर की मेहनत के बाद भी नहीं हो रही है 200 रुपये की कमाई
चालक कुलदीप ने बताया सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी उनकी रोजाना की कमाई 200 रुपये से भी कम हो गई हैं। इतने पैसे में परिवार का कैसे गुजारा करें। सीएनजी फुल करवाने में करीब 450 रुपये का खर्च है। दो दिन पहले वजीरपुर से प्रगति मैदान के बीच तीन अलग अलग स्थानों तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए 90 किलोमीटर की दूरी तय की। इससे उन्हें शाम तक 625 रुपये की कमाई हुई, जबकि सीएनजी पर पहले खर्च हो चुका था। रोजाना रखरखाव या तकनीकी खराबी के मद में भी वाहनों पर 100 रुपये अमूमन खर्च करना पड़ता है, ऐसे में पूरे दिन की मेहनत के बाद भी 150-200 रुपये की कमाई हो रही है।
कैब संचालन करने वाली कंपनियों पर भी मनमानी का आरोप
सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कैब संचालन करने वाली कंपनियों पर भी मनमानी का आरोप लगाते हुए सरकार से किराया तय करने की मांग की। अधिकतर चालकों का आरोप है कि कंपनियां सभी खर्च चालकों से लेती हैं और केवल यात्री मुहैया करने के नाम पर मोटी कमाई कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यात्रियों को आवागमन में सहूलियत सभी वाहन चालक चाहते हैं। मगर, जब खुद के खाने के लिए भी पैसे न बचें तो क्या और कहां से कमाएं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द कंपनियों पर किराये में बढ़ोतरी और कमीशन में कटौती करने की दिशा में पहल करे। अधिकतर चालक सीएनजी कीमत की बढ़ोतरी से बचने के लिए सफर के दौरान ए.सी बंद रख रहे हैं। दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि मांगे पूरी न हुई तो हड़ताल करेंगे।
महिला चालकों की सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
एक्सपर्ट ड्राइवर सॉल्यूशन के अध्यक्ष सुमित भारद्वाज ने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुई तो 18 को हड़ताल करेंगे। इसे आगे बढ़ाकर अनिश्चितकालीन भी किया जा सकता है। सीएनजी की बढ़ी हुई कीमत वापस लेने और किराये में बढ़ोतरी होने तक विरोध जारी रहेगा। महिला चालकों की सुरक्षा के लिहाज से कैब और टैक्सी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए ताकि सफर में उन्हें सुरक्षा की चिंता न सताए। इसे कंट्रोल सेंटर से जोड़ दिया जाना चाहिए ताकि महिला चालक खुद को सुरक्षित महसूस करें।