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अमर उजाला संवाद: बंद होने के कगार पर उद्योग, शिकायतों का नहीं हो रहा समाधान; कारोबारियों ने रखी अपनी परेशानी

Fri, 20 Dec 2024 07:55 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 20 Dec 2024 07:55 AM IST
सार

यमुनापार के झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में कारोबारियों का कहना है कि इलाके में अतिक्रमण, ट्रैफिक का दबाव, जर्जर सड़कें और बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या सालों से जस की तस बनी हुई है। ये समस्याएं दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं।

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Businessmen put forth their problems in the Amar Ujala Samvad program in Jhilmil Industrial Area
झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित अमर उजाला कार्यक्रम में अपनी समस्याएं बताते कारोबारी - फोटो : जी पाल

विस्तार

यमुनापार के झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में समस्याओं की भरमार है। इनके समाधान के लिए कारोबारी लिखित और मौखिक रूप से कई बार संबंधित विभागों के अधिकारियों से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में कारोबार प्रभावित हो रहा है। ये बातें बृहस्पतिवार को झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र के कारोबारियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के दौरान रखीं। 

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कारोबारियों का कहना है कि इलाके में अतिक्रमण, ट्रैफिक का दबाव, जर्जर सड़कें और बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या सालों से जस की तस बनी हुई है। ये समस्याएं दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं। शिकायत पर कार्रवाई तो छोड़िए,  अधिकारी देखते तक नहीं आते हैं। सरकारें बदल जाती हैं लेकिन इस इलाके की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। कारोबारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नेताओं ने कई वादे किए, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र मौजूदा समय में भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहा है।
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झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र 60 साल पहले बना था। आज स्थिति बिगड़ गई है। स्थिति यह है कि क्षेत्र में ड्रग्स की खूब बिक्री हो रही है। उद्योग अब बंद होने के कगार पर हैं। पहले यहां पर बिजली सात से आठ रुपये यूनिट थी अब बढ़ते-बढ़ते 18 से 22 रुपये हो गई है। -अशोक गर्ग
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यहां के उद्यमियों को जरूरी सविधाएं नहीं मिल रही है। ऐसे में फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं।  इससे तो मेक इन इंडिया विफल हो जाएगा। एमसीडी से लाइसेंस लेने की प्रक्रिया सरल और बिजली की दर को कम किया जाए। यहां पर ट्रैफिक की काफी समस्या है।  -वैभव अग्रवाल

टेलीफोन, नाले, केबल आदि के लिए सड़कों को खोद दिया जाता है। उसे ठीक नहीं किया जाता है।  जाम भी खूब लगता है। सर्विस स्टेशन बहुत हैं। -नरेंद्र छावड़ा 

सड़क खराब है तो नाले भी खराब हो रहे हैं। उसकी सफाई नहीं की गई।सरकार जबसे बदली है तब स्थिति और खराब हुई है। 22 रुपये प्रति युनिट बिजली दर का भुगतान किया जा रहा है। -अमन गुप्ता 


सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़कों की हालत बहुत खराब है। करीब 10 साल पहले स्थानीय विधायक राम नरेश गोलय ने सड़के बनवाई गई थी। सड़कों को खोदा गया। लेकिन ठीक नहीं किया गया है। -राकेश बंसल

अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है। नाले सारे खुले हुए हैं। कोई देखने तक नहीं आ रहा है। सड़कों पहले से जर्जर हालत में हैं। ट्रैफिक की भारी समस्या है।  यहां अवैध रूप से ट्रक सड़कों पर खड़े रहते हैं। -हरीश मनचंदा

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